रविवार, 19 मार्च, 2006 को 21:29 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के लोकप्रिय अभिनेता मोहम्मद अली का लाहौर में 72 वर्ष की अवस्था में निधन हो गया है.
उनके गुर्दों ने काम करना बंद कर दिया था.
मोहम्मद अली पाकिस्तानी सिनेमा में काफ़ी जानी-मानी हस्ती थीं और मूल रूप से उनका संबंध उत्तर प्रदेश के रामपुर से था.
1947 में विभाजन के बाद पाकिस्तान बनने पर भारत से आकर वहाँ बस गए थे.
मोहम्मद अली ने सिंध प्रांत के हैदराबाद शहर में 'रेडियो पाकिस्तान' के लिए काम करने के साथ अपना करियर शुरू किया था.
उनकी भारी-भरकम और विश्वास से भरी आवाज़ और एक मंजा हुआ प्रसारक होने की बदौलत 1962 में फ़िल्मी दुनिया में उनके पैर जमाने में कामयाब हुए.
मोहम्मद अली की बहुत मशहूर फ़िल्मों में आग का दरिया, आग, इंसान और आदमी, जैसे जानते नहीं, 'चिराग़ जलता रहा' थीं जिसने उन्हें लोकप्रियता के आसमान पर बिठा दिया.
'फ़िल्म ख़ामोश रहो' में उनकी कुछ नकारात्मक भूमिका थी लेकिन फिर भी उन्हें बहुत पसंद किया गया था.
उसके बाद तो लगभग दो दशकों तक वह पाकिस्तानी सिनेमा की दुनिया पर छाए रहे और उन्होंने कई दर्जन लोकप्रिय फ़िल्मों में मुख्य भूमिका निभाई.
इनमें से ज़्यादातर फ़िल्में उनकी पत्नी ज़ेबा के साथ थीं.
मोहम्मद अली ने अपने जीवन के अंतिम 15 साल एक दान संस्था चलाने के लिए दिए.
मोहम्मद अली पिछले लगभग आठ वर्षों से गुर्दों की समस्या से जूझ रहे थे और रविवार, 19 मार्च को सुबह लाहौर में दम तोड़ दिया.