शुक्रवार, 17 मार्च, 2006 को 21:53 GMT तक के समाचार
दक्षिण अफ़्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला सूअर चुराते थे? - आप कहेंगे किसने उड़ाई ये बात?
पर ये बात कोई उड़ी-उड़ाई बात नहीं है... ये राज़ खोला है स्वयं नेल्सन मंडेला ने.
हुआ ये कि इस साल की सर्वश्रेष्ठ विदेशी फिल्म के लिए ऑस्कर जीतने वाली दक्षिण अफ़्रीकी फिल्म ज़ोत्ज़ी के फ़िल्मकार और सितारे नेल्सन मंडेला से मिलने गए.
मंडेला ने इस फिल्म का ख़ूब आनंद उठाया और इसी मुलाक़ात के दौरान इस टोली के साथ अपने बचपन के किस्से भी बांटे.
ज़ोत्ज़ी कहानी है एक गिरोह के युवा सरगना की. और मंडेला ने इस फ़िल्म को देखकर कहा कि इसके मुख्य पात्र से उनका बचपन काफ़ी मिलता है.
उन्होंने बताया कि दक्षिण अफ्रीका के ग्रामीण इलाके ट्रान्सकी में वे और उनके दोस्त सूअरों को लुभाने के लिए बीयर का इस्तेमाल करते थे.
चोरी
उन्होंने कहा,"हम लोग हवा के बहाव की दिशा में जाते थे ताकि हमारी गंध गाँव में रहने वाले सूअरों तक पहुँचे. हम उन्हें लुभाने के लिए बीयर छिड़कते थे और जैसे जैसे वो करीब आते हम उसे दूर ले जाते."
उन्होंने बताया कि इसके बाद मंडेला और उनके दोस्त सूअर को चाकू से मार देते थे और फिर उसे भूनकर खाते थे.
मंडेला ने फिल्म के निर्देशक गैविन हुड और कलाकारों प्रेसली चवैनीयागी और टेरी पिंटो को बताया,"इस देश और दुनिया के कई देशों के नेताओं ने अपने जीवन की शुरुआत में कई तरह के गलत काम या कारनामे किये लेकिन वो बड़े होकर काफी ज़िम्मेदार लोग बने."
उन्होंने आगे कहा,"अगर कोई नौजवान आपकी इच्छाओं के अनुसार काम नहीं कर रहा तो उसे बेकार समझकर नकारिये नहीं. बेहतर होगा कि उनसे आराम से बात की जाए, बताया जाए कि गलती कहाँ हुई. और बताया जाए कि उसे क्या करना चाहिए था."
मंडेला ने ज़ोत्ज़ी के निर्माताओं को दक्षिण अफ्रीका का दुनिया के नक्शे पर लाने के लिए भी शुक्रिया अदा किया.
मगर निर्देशक गैविन हुड ने कहा कि ये काम तो मंडेला ने ख़ुद किया है.
गैविन ने कहा,"आपने हमें दुनिया के नक्शे पर डाला ताकि हम आपके पदचिन्हों पर चल सकें. अगर आपने जो किया वो नहीं हुआ होता तो हम इस फ़िल्म को दक्षिण अफ़्रीकियों की तरह मिलकर एक आज़ाद देश में नहीं बना पाते."