सोमवार, 23 जनवरी, 2006 को 14:58 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान में बॉलीवुड की फ़िल्मों पर वर्षों से पाबंदी लगी हुई है. इसके बावजूद एक भारतीय फ़िल्म पाकिस्तान में दिखाई जाएगी.
ये विशेष छूट मिली है भारतीय फ़िल्म- सोहनी महिवाल को. यह एक लोककथा पर आधारित है, जो पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में भी काफ़ी लोकप्रिय है.
इस्लामाबाद से बीबीसी संवाददाता ज़फ़र अब्बास का कहना है कि इसे इस संकेत के रूप में नहीं लिया जा सकता है कि अब भारतीय फ़िल्मों पर से पाबंदी हटा ली जाएगी.
पाकिस्तान ने 1965 में भारत के साथ दूसरे युद्ध के समय भारतीय फ़िल्मों पर पाबंदी लगा दी थी.
लेकिन सोहनी महिवाल को पाकिस्तान में दिखाने जाने को लेकर फ़िल्म के वितरक पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ से मिले थे. ये फ़िल्म भारत और रूस के निर्माताओं ने 1984 में मिलकर बनाई थी.
दर्शकों की संख्या के लिहाज से बॉलीवुड को दुनिया की सबसे बड़ी फ़िल्म इंडस्ट्री माना जाता है. गाने और नृत्य की वजह से लोकप्रिय बॉलीवुड फ़िल्में दुनियाभर में देखी जाती हैं.
'विचार नहीं'
बीबीसी संवाददाता ज़फ़र अब्बास ने बताया, "अभी इसके कोई संकेत नहीं हैं कि पाकिस्तान सरकार भारतीय फ़िल्मों पर से पाबंदी हटाने पर विचार कर रही है."
पाकिस्तान के सिनेमा मालिक बॉलीवुड की फ़िल्मों को दिखाने जाने को लेकर हमेशा से उत्सुक रहे हैं लेकिन फ़िल्म निर्माताओं को डर है कि अगर भारतीय फ़िल्मों पर से पाबंदी हटी, तो पाकिस्तान का फ़िल्म उद्योग नष्ट हो जाएगा.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में सोहनी महिवाल की लोकप्रियता को देखते हुए इस फ़िल्म को विशेष छूट दी गई है.
वैसे प्रतिबंध के बावजूद भारतीय फ़िल्में पाकिस्तान में बहुत लोकप्रिय हैं और फ़िल्मों की पाइरेटेड सीडी यहाँ आसानी से उपलब्ध हो जाती है.
ये भी माना जाता है कि पाकिस्तान के कई निर्माताओं ने वर्षों तक गुप्त रूप से भारत में काम किया है. कई बार उन्होंने अपनी फ़िल्मों का संपादन और संगीत भी मुंबई में तैयार करवाया है.
पाकिस्तान के कई गायक और गीतकार भी भारत में बहुत लोकप्रिय हैं.