मंगलवार, 10 जनवरी, 2006 को 12:11 GMT तक के समाचार
रक्षा मंत्री प्रणव मुखर्जी के साथ फ़िल्म देखने के बाद वायु सेना अधिकारियों और सेंसर बोर्ड अध्यक्ष शर्मिला टैगोर ने 'रंग दे बसंती' को हरी झंडी दे दी है.
भारतीय फ़िल्म सेंसर बोर्ड की अध्यक्ष शर्मिला टैगोर ने कहा है कि 'रंग दे बसंती' फ़िल्म में कोई आपत्तिजनक दृश्य नहीं हैं. ये फ़िल्म इसी महीने रिलीज़ होने वाली है.
भारतीय वायु सेना के अधिकारी एयर मार्शल पीएस अहलूवालिया ने भी कहा कि उन्हें फ़िल्म के किसी दृश्य पर आपत्ति नहीं है.
आमिर ख़ान की मुख्य भूमिका वाली इस फ़िल्म पर विवाद खड़ा हो गया था. कुछ रिपोर्टों में कहा गया था कि वायु सेना को कुछ दृश्यों पर आपत्ति है. क्योंकि इसमें वायु सेना को ग़लत रूप में दिखाया गया है.
मंगलवार को रक्षा मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कुछ सेना के अधिकारियों से साथ ये फ़िल्म देखी. इस दौरान शर्मिला टैगोर भी वहाँ मौजूद थी.
बाद में उन्होंने कहा, "फ़िल्म में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है. यह बहुत अच्छी फ़िल्म है. यह फ़िल्म हमारे देश के असली हीरो को श्रद्धांजलि है." अभी फ़िल्म सेंसर बोर्ड ने इस फ़िल्म को पास नहीं किया है.
फ़िल्म
'रंग दे बसंती' एक अंग्रेज़ लड़की की डॉक्युमेंटरी फ़िल्म से शुरु होती है जो अपने दादाजी की डायरी के आधार पर इस फ़िल्म का निर्माण करना चाहती है.
उसके दादा ने भारत की आज़ादी की लड़ाई को अपनी डायरी में दर्ज किया है.
लड़की दिल्ली आकर कुछ युवकों से संपर्क करती है. पहले तो युवक इसके लिए तैयार नहीं होते लेकिन बाद में वे फ़िल्म में काम करते हैं और आपस में दोस्त हो जाते हैं.
इसी के बाद फ़िल्म डॉक्युमेंटरी से निकल कर वर्तमान जीवन पर आ जाती है.
इन पाँच युवकों में से एक वायुसेना में चला जाता है और मिग विमान की दुर्घटना में मारा जाता है और फिर वर्तमान राजनीति की चर्चा होती है.
इस फ़िल्म के मुख्य अभिनेता आमिर ख़ान हैं जिनकी पिछली फ़िल्म 'मंगल पांडे' पर भी बड़ा विवाद हुआ था.