http://www.bbcchindi.com

बुधवार, 04 जनवरी, 2006 को 18:20 GMT तक के समाचार

'मुड़ मुड़ के न देख गर्ल' की हालत गंभीर

पुराने वक़्त की हीरोइन नादिरा काफ़ी अरसे से रुपहले परदे पर न आने के बावजूद आज भी फ़िल्मप्रेमियों को याद हैं.

महबूब ख़ान की 'आन' से अपनी पहचान बनाने वाली नादिरा इस समय काफ़ी अस्वस्थ हैं और मुंबई के एक अस्पताल में भरती हैं.

पचास और साठ के दशक में नादिरा की शोहरत आसमान पर थी और राजकपूर की 'श्री चार सौ बीस' के एक गाने के बाद से तो उन्हें 'मुड़ मुड़ के न देख गर्ल' ही कहा जाने लगा था.

नादिरा काफ़ी समय से अकेली ही रह रही थीं लेकिन उनके दोस्तों और प्रशंसकों ने उन्हें कभी अकेला महसूस नहीं होने दिया.

जिस आख़िरी फ़िल्म में वह नज़र आई थीं वह थी मंसूर ख़ान की वर्ष 2000 में रिलीज़ हुई 'जोश'.

उससे पहले दर्शकों ने उन्हें महेश भट्ट की 'तमन्ना' में बहुत सराहा था.

नादिरा ने अधिकतर नेगेटिव भूमिकाएँ निभाईं लेकिन एक ज़माना था जब दर्शक उनके नाम से फ़िल्म देखने जाते थे.

* * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * *

अपहरण जाएगी फ़िल्मोत्सव में

बिहार के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी पार्टी के कई विधायकों के साथ प्रकाश झा की फ़िल्म 'अपहरण' देखने गए.

उनका कहना है कि वह प्रकाश झा के ज़बरदस्त प्रशंसक हैं.

फ़िल्म इसराइल में पाँच से 18 जनवरी तक जारी रहने वाले फ़िल्मोत्व में दिखाई जाने वाली है.

इसराइल में भारतीय दूतावास और इसराइली विदेश मंत्रालय ने इस फ़िल्मोत्सव का आयोजन किया है.

फ़िल्म के प्रदर्शन के समय निर्देशक प्रकाश झा और सितारे अजय देवगन और नाना पाटेकर वहाँ मौजूद रहेंगे.

इस मौक़े पर जो अन्य फ़िल्में दिखाई जा रही हैं वे हैं 'मंगल पाँडे' और सैफ़ अली ख़ान की 'बीइंग साइरस'.

* * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * *

अमिताभ की एक और थ्रिलर

'ब्लैक' के बाद 'एक अजनबी' अमिताभ बच्चन की बेहतरीन फ़िल्मों की कड़ी में शामिल हो गई है.

एक सिरफिरे बॉडीगार्ड की भूमिका में अमिताभ ने एक बार फिर सिक्का जमाया है.

'काँटे' और 'आँखें' के बाद एक और थ्रिलर से उन्होंने साबित कर दिया है कि ऐक्शन रोल करने में उम्र आड़े नहीं आती.

अंग्रेज़ी फ़िल्म 'मैन ऑन फ़ायर' पर आधारित 'एक अजनबी' की पूरी शूटिंग 40 दिन में पूरी हो गई.

फ़िल्म के अन्य कलाकार पेरीज़ाद ज़ोराबियान और अर्जुन रामपाल को भी इस बात का श्रेय जाता है कि वे सुपरस्टार के सामने कहीं भी दबे हुए नज़र नहीं आए.

फ़िल्म में बैंकॉक के कई बेहतरीन नज़ारे देखे जा सकते हैं.