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सोमवार, 05 दिसंबर, 2005 को 18:02 GMT तक के समाचार

म्यूनिख़ एक प्रार्थना हैः स्पीलबर्ग

हॉलीवुड के प्रख्यात फ़िल्म निर्देशक स्टीवन स्पीलबर्ग का कहना है कि उनकी नई फ़िल्म 'म्यूनिख़' शांति के लिए की गई एक प्रार्थना है.

ये फ़िल्म 1972 के ओलंपिक खेलों पर आधारित है जिसमें इसराइली एथलीटों को बंधक बना लिया गया था.

ऑस्कर विजेता निर्देशक ने पत्रिका टाइम को एक साक्षात्कार में अपनी इस नई फ़िल्म पर अपने विचार रखे जिसके बारे में कहा जा रहा है कि इससे विवाद खड़ा हो सकता है.

फ़िल्म अमरीका में 23 दिसंबर को रिलीज़ होनेवाली है. उससे पहले इसे अमरीका में यहूदी और मुस्लिम समूहों के नेताओं, राजनयिकों और विदेश नीति विशेषज्ञों को दिखाया जाएगा.

स्पीलबर्ग ने अपनी फ़िल्म के बारे में कहा,"समस्या फ़लस्तीनी या इसराइली नहीं हैं. इस क्षेत्र का सबसे बडा शत्रु है दुराग्रह. इस कट्टरता के बीच शांति के लिए प्रार्थना होनी चाहिए".

फ़िल्म

'म्यूनिख़' 1972 के ओलंपिक खेलों के दौरान हुई उस घटना पर आधारित है जब एक फ़लस्तीनी समूह ने इसराइली एथलीटों को बंधक बना लिया था.

इस सारी घटना में 11 इसराइली एथलीट, पाँच अपहर्ता और एक जर्मन पुलिसकर्मी की जान चली गई.

फ़िल्म में प्रमुख रूप से इस बंधक संकट के समय इसराइल की प्रतिक्रिया को दर्शाया गया है.

इसराइली गुप्तचर एजेंसी मोसाद के एक जासूस की भूमिका निभाई है एरिक बाना ने जिन्हें दर्शक 'ट्रॉय' फ़िल्म से जानते हैं.

फ़िल्म में जेम्स बॉन्ड की नई फ़िल्म में बॉन्ड की भूमिका निभानेवाले अभिनेता डेनियल क्रेग और ज्योफ़्री रश भी काम कर रहे हैं.

स्पीलबर्ग और उनके पटकथाकार टोनी कुशनर ने मोसाद के उस जासूस से बात भी की लेकिन उन्होंने उसका परिचय उजागर नहीं किया है.