शुक्रवार, 18 नवंबर, 2005 को 10:47 GMT तक के समाचार
दक्षिण भारत की सुपरस्टार खुशबू को जिस तमिलनाडु के लोग मंदिर बनाकर पूज रहे थे उसी राज्य में अब उनके पोस्टर फाड़े जा रहे हैं.
उन्हें भी अंदाज़ा नहीं होगा कि उनका एक बयान इतना हंगामा मचा देगा, उन्होंने कहा था कि लड़को को यह उम्मीद नहीं रखनी चाहिए कि उनकी होने वाली पत्नी कुंवारी हो.
सुनील दत्त की फ़िल्म 'दर्द का रिश्ता' की बाल अभिनेत्री और आज दक्षिण भारतीय फ़िल्मों की सुपरस्टार ख़ुशबू अपने इस बयान की वजह से काफ़ी विरोध झेल रही हैं.
उन्होंने एक इंटरव्यू में बस इतना कह दिया था कि आज के ज़माने में किसी लड़के का शादी से पहले अपनी दुल्हन से यह उम्मीद करना ग़लत है कि उसके कभी यौन संबंध क़ायम न हुए हों.
इसके साथ ही ख़ुशबू ने असुरक्षित यौन संबंध से बचने की सलाह भी दी.
तमिलनाड़ु में कई लोगों को लगा कि ख़ुशबू नौजवानों को ग़लत राह दिखा रही हैं, विरोध यहीं तक सीमित नहीं रहा, लोगों ने एक के बाद एक 25 जनहित याचिकाएँ दायर कर दीं.
इनमें से अधिकतर तो ख़ारिज हो गईं लेकिन एक को स्वीकार कर लिया गया, ख़ुशबू को सम्मन जारी हो गए और अब वे पाँच हज़ार रुपए के मुचलके पर रिहा हुई हैं.
कुछ लोगों ने खुशबू का साथ भी देने की कोशिश की. जैसे फ़िल्मकार मणि रत्नम की पत्नी और अभिनेत्री सुहासिनी, लेकिन उन पर इतना दबाव पड़ा कि वह भी पीछे हट गईं.
तमिलनाडु से बस एक आवाज़ ख़ुशबू के पक्ष में उठी है और वह हैं राज्यसभा सदस्य और थियेटर की दुनिया की जानी-मानी शख़्सियत चो रामास्वामी.
उनका कहना है, "मुझे नहीं लगता कि ख़ुशबू ने कोई क़ानून तोड़ा है".
लेकिन अदालत ने तो मामला दर्ज कर ही लिया है और अब इस पर सोलह दिसंबर मेत्तूर की अदालत में सुनवाई होनी है.