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गुरुवार, 17 नवंबर, 2005 को 10:42 GMT तक के समाचार

ख़ानों की दो महँगी फ़िल्मों का इंतज़ार

जल्दी ही ख़ानों की दो फ़िल्में रिलीज़ होने जा रही है, एक बड़े ख़ान निर्माता हैं अकबर ख़ान तो दूसरे हैं फ़रदीन ख़ान.

एक तो अकबर ख़ान की 'ताजमहल' और दूसरे फ़रदीन ख़ान की 'एक खिलाड़ी एक हसीना'.

'बंटी और बबली' में जिस तरह अमिताभ और उनके बेटे अभिषेक नज़र आए थे उसी तरह 'एक खिलाड़ी एक हसीना' में फ़िरोज़ और फ़रदीन नज़र आएँगे.

लेकिन इन दोनों फ़िल्मों में बड़ा फ़र्क़ है, 'एक खिलाड़ी एक हसीना' जहाँ थ्रिलर है वहीं 'ताजमहल' एक ऐतिहासिक प्रेमकथा है.

'एक खिलाड़ी एक हसीना' में 'बंटी और बबली' से मिलती-जुलती एक और चीज़ है, इस फ़िल्म का हीरो फ़रदीन ख़ान भी बंटी की तरह एक ठग है, फ़र्क़ ये है कि फ़िरोज़ ख़ान इस फ़िल्म में महाठग हैं, अमिताभ की तरह पुलिस वाले नहीं.

'एक खिलाड़ी एक हसीना' के बारे में कहा जा रहा है कि वह तकनीकी नज़रिए से अब तक की बेहतरीन फ़िल्मों से एक है, ज़ाहिर है, खूब पैसा ख़र्च किया गया है.

'एक खिलाड़ी एक हसीना' में ख़ान पिता-पुत्र के अलावा, कोयना मित्रा, गुलशन ग्रोवर, केके और राहुल देव नज़र आएँगे.

इस फ़िल्म का निर्देशन एक युवा निर्देशक सुपर्ण वर्मा ने किया है.

ताजमहल

अकबर ख़ान के निर्देशन में बनी 'ताजमहल' के बारे में कहा जा रहा है कि इस फ़िल्म को बेहतरीन बनाने में अपनी तरफ़ से उन्होंने कसर नहीं छोड़ी है.

इस फ़िल्म में वेशभूषा और सेट्स पर बहुत ध्यान दिया गया ताकि फ़िल्म मुग़लकाल का आभास दे सके, डिज़ाइनर अन्ना सिंह को इसकी ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी.

निर्देशक अकबर ख़ान ने लंबे समय तक मुग़ल इतिहास, वास्तुशास्त्र और कला का गहन अध्ययन किया है ताकि फ़िल्म वास्तविक लगे.

इस फ़िल्म में शाहजहां की भूमिका निभाई है कबीर बेदी ने जबकि दारा शिकोह के रोल में वक़ार शेख़ हैं और औरंगज़ेब बने हैं अरबाज़ ख़ान. सोनया जहान इस फ़िल्म में मुमताज बनी हैं जबकि मनीषा कोईराला जहाँआरा की भूमिका में दिखेंगी.

फ़िल्म में न सिर्फ़ शाहजहाँ और मुमताज के प्रेम की कहानी है बल्कि उनके बेटों दारा और औरंगज़ेब का सत्ता संघर्ष भी है.

ताजमहल में महल के अंदर होने वाली चालबाज़ियों और दरबार होने वाली राजनीति का भी भरपूर चित्रण किया गया है.