मंगलवार, 15 नवंबर, 2005 को 21:29 GMT तक के समाचार
भारत में धूम्रपान पर रोकथाम के लिए अभियान चलानेवालों को एक नया दूत मिल गया है - फ़िल्मस्टार शाहरूख़ ख़ान - जिनकी ऊँगलियों के बीच जलती सिगरेट रहना एक आम बात रही है.
शाहरूख़ ख़ान ने दो नवंबर को अपनी 40वीं सालगिरह के समय एक टेलीविज़न चैनल से ये कहा कि वे धूम्रपान छोड़ने की कोशिश करेंगे.
इसके बाद अब भारत के स्वास्थ्य मंत्री अंबुमनि रामदौस ने शाहरूख़ ख़ान के पास एक पत्र भेजा है.
शाहरूख़ ख़ान अभी न्यूयॉर्क में एक फ़िल्म की शूटिंग में व्यस्त हैं लेकिन मुंबई स्थित उनके दफ़्तर ने स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से पत्र मिलने की पुष्टि की है.
इस पत्र में स्वास्थ्य मंत्री ने लिखा है,"आपके जैसे करिश्माई व्यक्तित्व के क़दम से हमारे देश के युवकों को तंबाकू के प्रयोग से दूर रखने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा".
स्वास्थ्य मंत्रालय ने इससे पहले भी स्वास्थ्य अभियानों के लिए फ़िल्मी हस्तियों की सहायता ली है.
बच्चों को पोलियो से बचाव के लिए टीका लगवाने के अभियान में अमिताभ बच्चन और ऐश्वर्या राय ने प्रचार में हिस्सा लिया.
मिली-जुली राय
वैसे शाहरूख़ ख़ान के धूम्रपान छोड़ने से आम लोगों पर क्या असर होगा इसे लेकर मुंबई में मिली-जुली राय देखने को मिली.
25 वर्षीय युवक मार्टिन लुईस कहते हैं,"शाहरूख़ सिगरेट पीते भी हैं अपने लिए और सिगरेट छोड़ते भी हैं अपने लिए. मैं सिगरेट पीता हूँ अपने लिए और मैं उसे केवल इसलिए नहीं छोड़ूँगा क्योंकि वे छोड़ रहे हैं".
वहीं मीडिया में काम करनेवाले 29 वर्षीय कौस्तुभ महाजन को लगता है कि शाहरूख़ ख़ान के लिए सिगरेट छोड़ना आसान नहीं होगा.
कौस्तुभ कहते हैं,"इससे मुझपर तो कोई असर नहीं होगा. हाँ बहुत सारे युवा उनसे प्रभावित हो सकते हैं क्योंकि उनपर फ़िल्मी सितारों की जीवन शैली का बड़ा असर पड़ता है".
उल्लेखनीय है कि फ़िल्मों के प्रभाव को ध्यान में रखकर इस वर्ष के आरंभ में स्वास्थ्य मंत्रालय ने फ़िल्मों और टेलीविज़न पर धूम्रपान वाले दृश्यों पर लगाम लगाने की घोषणा की थी.
फ़िलहाल सरकार सूचना और प्रसारण मंत्रालय के साथ मिलकर इस पाबंदी के पहलुओं पर विचार कर रही है कि उसे किसतरह से अमल में लाया जा सकता है.