http://www.bbcchindi.com

शुक्रवार, 21 अक्तूबर, 2005 को 14:02 GMT तक के समाचार

'पाँच साल बाद ऐक्टिंग छोड़ दूँगी'

'जिस्म' और 'राज़' जैसी फ़िल्मों से सुर्खियों में आने वाली बिपाशा बसु अब अलग तरह की भूमिकाएँ करना चाहती हैं.

उन्होंने अरूण अस्थाना के साथ ख़ास बातचीत में कई राज़ खोले.

आप एक ही तरह के ग्लैमरगर्ल के रोल कब तक करती रहेंगी?

कर चुकी...मैंने पिछले दो महीने तक कोई काम नहीं किया. खूब सोचा फिर तय किया कि अब बस उन निर्देशकों के साथ काम करूंगी, जिनका काम मुझे पसंद आता है, अच्छी कहानी हो, कुछ रियलिस्टिक हो, चैलेंज हो जिसमें वही रोल करूंगी.

तो नए टाइप के रोल कहां कर रहीं हैं?

अरे अभी देखिएगा....प्रकाश झा की 'अपहरण. बिल्कुल अलग किरदार है, बिल्कुल अलग कहानी.

कैसे मिली 'अपहरण' में भूमिका, आपने प्रकाश झा से ऐसा रोल माँगा था क्या या उन्होंने ही बुलाया.

मैने प्रकाश जी की 'गंगाजल' देखी थी, सोचती तो थी कि ऐसी फिल्म करूं लेकिन बुलाया प्रकाश जी ने ही, और कहा कि मैं 'अपहरण' वाले रोल में बिल्कुल फिट हूँ. मैं तो ये रियलिस्टिक सिनेमा करना ही चाह रही थी, मैंने बताया न जब दो महीने मैंने काम नहीं किया, उन्हीं दिनों ये हुआ.

ये ख्याल कैसे आया कि आपकी जो ग्लैमरस इमेज बनी है, जिससे आपको इतनी लोकप्रियता मिली है, उससे हटकर कुछ किया जाए.

जब आप कुछ कर लेते हैं तभी पता चलता है कि क्या किया और पीछे मुड़कर देखने पर ही ये अहसास होता है कि अब क्या करना चाहिए.

कहीं कोई खतरा महसूस नहीं हुआ.

मैं कभी किसी की सुनती नहीं, जो करती हूं अपने मन से करती हूं. जो करना होता है, उस पर ज्यादा सोचती भी नहीं एक झटके में फैसला लेती हूँ. बिल्कुल ट्रांसपेरेंट हूं मैं. मैं जो चाह रही होती हूं वह कोई भी मेरे चेहरे पर पढ़ सकता है. इस इंडस्ट्री का जो आम चलन है मैं वैसे खेल नहीं खेलती, चालें नहीं चलती. बस अपना काम करती रहती हूं अपनी मर्जी के मुताबिक इसीलिए मुझे कभी कोई खतरा नहीं महसूस होता.

बिना चालें चले आप इस इंडस्ट्री में सफल कैसे हैं, बताइए शायद नए कलाकारों के काम आ जाए.

मैं लकी हूं....बस. वैसे मैं शायद अपने काम से ही मतलब रखती हूँ.

और भी तो कोई राज़ जरूर होगा.

राज़ कोई नहीं. बस ये ज़रूर है कि मैं महत्वाकांक्षी बिल्कुल नहीं हूँ. काम के पीछे भागती नहीं. मैं तो इंडस्ट्री में लोगों की तारीफ भी करने में हिचकती हूँ. मुझे लगता है कि लोग समझेंगें कि मैं अपने मतलब के लिए तारीफ कर रहीं हूँ.

अच्छा जॉन अब्राहम कभी कुछ नहीं कहते आपके इस तरह महत्वाकांक्षी न होने पर या ...

नहीं, जॉन मेरी पूरी रिस्पेक्ट करता है, हम दोनों एक दूसरे की रिस्पेक्ट करते हैं.

अच्छा ग्लैमरस रोल तो खूब किए आपने, फिर रियलिस्टिक भी कर रहीं हैं – अपहरण और फिर मधुर भंडारकर की कॉरपोरेट....पर आजकल पीरियड फिल्में भी खूब बनने लगी हैं. उसमे कहीं आप फिट होती हैं या नहीं.

आप जैसा कह रहे हैं वैसा बहुत लोग मानते हैं कि मैं पीरियड रोल में फिट नहीं बैठती लेकिन ऐसा नहीं है, वैसे रोल भी आ रहे हैं, रितुपर्णो घोष के साथ बात काफी आगे बढ़ चुकी है.

अच्छा शादी का इरादा कब तक है?

शादी तो मैं पांच साल बाद करूंगी, उसके बाद ऐक्टिंग पूरी तरह छोड़ दूंगी.

फिर क्या करेंगी. घर परिवार...

नहीं, मैं घर बैठने वाली नहीं हूं. कुछ और करूंगी पर ऐक्टिंग नहीं करूंगी.

जॉन क्या कहते हैं.

कहा न, हम एक दूसरे की इच्छाओं का पूरा आदर करते हैं. उसे सब बता रखा है मैने. उसके घरवालों को और मेरे घरवालों को भी कोई ऐतराज़ नहीं है. और फिर ये मेरा फैसला है.