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सोमवार, 05 सितंबर, 2005 को 12:19 GMT तक के समाचार

शालिनी जोशी
हरिद्वार से

योग और गंगा की शरण में आईं ‘ड्रीमगर्ल’

'स्वप्नसुंदरी’ हेमा मालिनी इन दिनों देवनगरी हरिद्वार में हैं.

लेकिन वो यहाँ न तो किसी फिल्म की शूटिंग कर रही हैं और न ही किसी नृत्य आयोजन में आई हैं बल्कि वो यहां तन और मन की शांति और योगाभ्यास के गुर सीखने के लिए आई हैं.

हरिद्वार के पतंजलि योग पीठ के योग विज्ञान शिविर में सैकड़ों अभ्यासियों के बीच 'शोले' की तेज-तर्रार 'बसंती' भी हर दिन एक आम साधक की तरह ही बैठती है और स्वामी रामदेव से प्राणायाम और आसन सीखती है.

हेमा कहती हैं, “हालाँकि नियमित नृत्य अभ्यास से मुझे अपने आपको चुस्त-दुरूस्त बनाए रखने में काफी मदद मिलती है लेकिन गंगा के तट पर योगासन के इस शिविर में जो असीम शांति मिल रही है उसका अलग ही अनुभव है.”

हेमा मूल रूप से घुटने के दर्द के इलाज के लिए यहां आई हैं. उन्होंने कहा,” यौगिक विद्या में उम्र के हर पड़ाव के लिए अलग-अलग आसन और आहार हैं और उनसे काफी कुछ सीखा जा सकता है.”

बक़ौल हेमा के उन्होंने योग विशेषज्ञ स्वामी रामदेव का काफी नाम सुन रखा था और अपने मित्रों की सलाह पर यहाँ आई हैं.

हेमा ने हर की पौड़ी में गंगा के प्रदूषण पर चिंता भी जताई और कहा कि गंगा की पवित्रता को बनाए रखने के लिये ठोस काम किए जाने चाहिए.

एक समय करोड़ों दिलों की मलिका रही हेमा मालिनी ने एक लंबे समय तक फिल्मों से अवकाश लेने के बाद करीब दो साल पहले 'बाग़बान' में बढ़ती उम्र को नकारते हुए अपने रूप और जलवों से सबको हैरान कर दिया था और लोग उनके सौंदर्य और ग्लैमर का लोहा एक बार फिर मानने लगे.

सांसद

हेमा एक प्रख्यात नृत्यांगना भी हैं और फिल्मों के साथ-साथ राजनीति में भी सक्रिय हैं.

फिल्मों में अपनी आगे की योजनाओं के बारे में पूछे जाने पर हेमा मुस्कुरा कर टाल जाती हैं कि," फिल्म आएगी तो अपने आप ही पता चल जाएगा."

इन दिनो वो अपनी बेटी ईशा देओल के चढ़ते फिल्मी करियर से काफी खुश हैं.

हालाँकि हरिद्वार की ये उनकी नितांत निजी यात्रा है लेकिन उनका जादू अब भी बरक़रार है इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हेमा जहाँ भी जाती हैं उनके चाहने वाले उन्हें घेर लेते हैं और उनकी हर अदा को कैमरे में क़ैद करने के लिए फ़ोटोग्राफ़र उनसे पहले पहुँच जाते हैं.

कई बार प्रशासन को इस वजह से विशेष इंतज़ाम करने पड़ रहे हैं.