शुक्रवार, 26 अगस्त, 2005 को 13:57 GMT तक के समाचार
परवीन बाबी अपने जीवन में मीडिया से जितना अलग-थलग रहीं, उनके निधन के बाद उतना ही उनके बारे में ख़बरों का सिलसिला जारी है जो अब तक थमा नहीं है.
अब नई ख़बर यह है कि महेश भट्ट की नई फ़िल्म 'ऐक्ट्रेस' परवीन की ज़िंदगी पर ही आधारित है.
फ़िल्म जल्दी ही सेट पर जाने वाली है और इसके हीरो का चयन हो चुका है. वह हैं भट्ट ख़ेमे के चहीते कलाकार इमरान हाशमी.
परवीन का रोल कौन निभाएँगी इसको लेकर तरह-तरह के क़यास लगाए जा रहे हैं.
अभी किसी को साइन नहीं किया गया है और जो नाम चर्चा में हैं वे हैं-बिपाशा बसु, दीपल शॉ और पाकिस्तानी अभिनेत्री मीरा की बहन अक़्सा.
परवीन बाबी और महेश भट्ट पुराने दोस्त रहे हैं और महेश के पास परवीन को लेकर ढेरों संस्मरण हैं.
कहा जा रहा है कि फ़िल्म में परवीन बाबी के जीवन और व्यक्तित्व के कई अनछुए पहलू सामने आएँगे.
* * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * *
एंट्री ले ली है 'नो एंट्री' ने
कॉमेडी फ़िल्मों की बढ़ती हुई लोकप्रियता को देखते हुए अब कई फ़िल्मकारों का रुझान ऐसी फ़िल्मों की ओर होने लगा है.
'नो एंट्री' को भी विशुद्ध हास्य फ़िल्मों के वर्ग में रखा जा सकता है.
कहानी तीन पुरुषों की है जिनके जीवन में कई ऐसे मोड़ आते हैं जो दर्शकों को हँसने पर मजबूर कर देते हैं.
ये भूमिकाएँ निभा रहे हैं अनिल कपूर, सलमान ख़ान और फ़ारदीन ख़ान.
इन तीनों की ज़िंदगी में उथलपुथल मचाती हैं बिपाशा बसु.
लेकिन फ़िल्म की कास्ट यहीं ख़त्म नहीं होती. लारा दत्ता, ईशा देओल और सेलीना जेटली भी फ़िल्म में अहम किरदार निभा रही हैं.
बोनी कपूर की इस फ़िल्म के निर्देशक हैं अनीस बज़्मी.
* * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * *
तब्बू ऐनिमेशन फ़िल्म में
शुक्रवार 26 अगस्त को रिलीज़ हुई फ़िल्म 'भागमती-द क्वीन ऑफ़ फ़ॉर्च्यून्स' को भारत की पहली संपूर्ण ऐनिमेशन फ़िल्म बताया जा रहा है.
इसके निर्माताओं का तो यह भी दावा है कि यह दुनिया की पहली क्लासिक ऐनिमेशन फ़िल्म है.
फ़िल्म दो घंटे 40 मिनट की है और इसमें से एक घंटा 35 मिनट ऐनिमेशन के ज़रिए दिखाया गया है.
फ़िल्म में वास्तविक किरदारों को भी इस्तेमाल किया गया है और मुख्य भूमिकाएँ निभा रहे हैं मिलिंद सोमन और तब्बू.
फ़िल्म में हेमा मालिनी पर एक नृत्य फ़िल्माया गया है जिसकी काफ़ी चर्चा है.
फ़िल्म मध्यकालीन भारत के शासक क़ुतुब क़ुली शाह और उनकी प्रेमिका नर्तकी भागमती की कहानी बयान करती है.
फ़िल्म के निर्माताओं का कहना है कि इस पर कुल आठ करोड़ रुपये की लागत आई है.