बुधवार, 03 अगस्त, 2005 को 11:42 GMT तक के समाचार
भारत के जाने माने ब्रांड प्रोवोग के मालिक सलिल चतुर्वेदी की गिरफ़्तारी ने फ़िल्मी सितारों और नशीले पदार्थों के सेवन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं.
जनवरी में प्रोवोग के एक कर्मचारी को मुंबई एयरपोर्ट पर कोकीन के साथ गिरफ़्तार किया गया था.
उसके बाद प्रोवोग के नाइट लाउंज के एक मैनेजर विशाल मेघनानी को गिरफ़्तार किया गया. उसके बाद यह कड़ी प्रोवोग के मालिक सलिल चतुर्वेदी तक जा पहुँची.
सलिल चतुर्वेदी अपनी पार्टियों के लिए मशहूर माने जाते हैं और उनके प्रोवोग लाउंज में फ़िल्मी सितारे और युवा रईसों का जमावड़ा रहता है.
ऐसे आरोप हैं कि वो जानी मानी हस्तियों को नशीले पदार्थों को उपलब्ध कराते थे.
मुंबई के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस उन्हें रिमांड पर लेने की कोशिश कर रही है.
इस मामले में सुबूत मिटाने के आरोप में दो पुलिसवालों के ख़िलाफ़ भी कार्रवाई की गई है.
लेकिन इस गिरफ़्तारी ने बॉलीवुड और नशीले पदार्थों की दुनिया के रिश्तों पर भी सवाल उठा दिए हैं.
संबंध
उल्लेखनीय है कि प्रोवोग के ब्रांड अंबेसेडर अभिनेता फरदीन ख़ान है.
हालाँकि उन्होंने इस मामले में किसी भी संबंध से इनकार किया है. उनका कहना था कि उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है.
फरदीन मई, 2001 में मुंबई के जुहू इलाक़े में नशीले पदार्थ ख़रीदने के आरोप में गिरफ़्तार कर लिए गए थे.
1980 के दशक में फ़िल्म अभिनेता संजय दत्त नशीले पदार्थों के सेवन को लेकर चर्चा में आए थे. उन्हें इससे छुटकारा पाने के लिए एक मुक्ति केंद्र की शरण में जाना पड़ा था.
हाल में फ़ैशन और फ़िल्मी दुनिया के कई लोगों को नशीले पदार्थों के साथ गिरफ़्तार किया गया है.
13 फ़रवरी,2005 को मॉनसून वेडिंग फ़िल्म से चर्चित हुए विजय राज नशीले पदार्थों को रखने के आरोप में दुबई में गिरफ़्तार हो गए थे. बाद में जाँच के बाद वो छूटे थे.
उसके बाद 11 जून,2005 को फ़ैशन डिज़ाइनर प्रसाद बिदप्पा भी दुबई एयरपोर्ट पर नशीले पदार्थो के साथ गिरफ़्तार कर लिए गए थे. काफ़ी मशक्कत के बाद रिहा वो रिहा हुए.
पर इन मामलों ने मुंबई की जानी मानी हस्तियों और नशीले पदार्थों के रिश्तों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.