शनिवार, 23 अप्रैल, 2005 को 16:10 GMT तक के समाचार
ब्रिटेन के जाने माने अभिनेता जॉन मिल्स का निधन हो गया है.
97 वर्षीय मिल्स ने 100 से भी अधिक फ़िल्मों में काम किया और अभी भी वो ब्रिटेन में बहुत लोकप्रिय थे.
1930 के दशक में बनी वार एंड पीस, ग्रेट एक्सपेक्टेशन्स जैसी कालजयी फ़िल्मों में काम कर चुके मिल्स को 1971 में रेयान्स डॉटर में अभिनय के लिए प्रतिष्ठित ऑस्कर पुरस्कार मिला था.
शनिवार को बकिंघमशायर में अपने घर में ही उन्होंने अंतिम सांस ली.
मिल्स के अभिनय की पूरी दुनिया में तारीफ़ की जाती रही है लेकिन उन्हें पूरे जीवन में एक ही बार ऑस्कर मिला.
सर जॉन की पुत्री हेली मिल्स भी अदाकारा हैं. मिल्स को 1960 में कमांडर ऑफ ब्रिटिश अंपायर का सम्मान दिया गया. 1976 में नाइटहुड की उपाधि मिली और 2002 में ब्रिटिश अकेडमी ऑफ फ़िल्म एंड टेलीविज़न आर्ट्स ने उन्हें विशेष रुप से सम्मानित किया.
स्वास्थ्य समस्याएं
1992 में एक शो के दौरान उनकी आंखें ख़राब हो गई और उसके बाद वो आंखों से लाचार ही रहे.
2001 में वो अपने ही घर में गिर पड़े और उनकी दो पसलियां टूट गईं.
सर जॉन का परिवार अमरीका में रहता है और वो सोमवार को ब्रिटेन पहुंचेंगे.
अभिनय प्रतिभा
विविधताओं से भरे जॉन मिल्स के कैरियर की शुरुआत भी कुछ अजीब रही.
घर घर जाकर टॉयलेट पेपर बेचने वाले मिल्स ने यह काम छोड़कर थियेटर में हाथ आजमाना शुरु किया.
उन्होंने रॉयल अकेडमी ऑफ आर्ट में पढ़ाई की और थियेटर में आए जहां नोएल कावर्ड ने उनकी प्रतिभा को पहचाना.
डांस और गायन की उनकी प्रतिभा रंग लाई और उन्होंने अपनी एक अलग जगह बना ली. 1929 में हेमलेट की भूमिका ने उन्हें एक अभिनेता के रुप में स्थापित कर दिया.
फ़िल्म गुडबॉय मिस्टर चिप्स में मिल्स की भूमिका ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दी.
फ़िल्मों में उनकी भूमिकाएं अलग अलग रहीं. द कोल्डित्ज़ स्टोरी और आइस कोल्ड इन एलेक्स में युद्ध के दौरान ब्रिटिश सैनिक की स्थिति के चित्रण की कठिन भूमिका में मिल्स ने अपने अभिनय से जान डाल दी.
रेयान्स डॉटर में गूंगे की भूमिका के लिए ऑस्कर पाने वाले मिल्स का अभिनय को अब भी याद किया जाता है.