http://www.bbcchindi.com

शनिवार, 16 अप्रैल, 2005 को 07:29 GMT तक के समाचार

रेणु अगाल
बीबीसी संवाददाता, दिल्ली

शुभा मुदगल वीज़ा न मिलने से आहत

भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते सुधारने की कोशिशों के बावजूद प्रसिद्ध भारतीय गायिका शुभा मुदगल और कई अन्य संगीतकारों को पाकिस्तान का वीज़ा नहीं मिल पाया है.

इससे आहत शुभा मुदगल ने घोषणा की है कि वो अब पाकिस्तान नहीं जाएंगी.

भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) ने पाकिस्तान के कराची, लाहौर और इस्लामाबाद में संगीत कार्यक्रम रखे थे. लेकिन शुभा मुदगल और कई सदस्यीय दल को पाकिस्तान का वीज़ा नहीं मिल सका.

शुभा मुदगल ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि उनके ग्रुप का 15 से 22 अप्रैल तक पाकिस्तान में कार्यक्रम था और इसे आईसीसीआर ने प्रायोजित किया था और यह एक आधिकारिक दौरा था.

वो वीज़ा न मिलने से काफ़ी आहत हैं. उनका कहना था कि दोनों सरकारें एक दूसरे से संबंध बढ़ाने की बात कर रही हैं लेकिन असलियत कुछ और लगती है.

शुभा मुदगल का कहना था कि वो बतौर भारत सरकार के प्रतिनिधि के रूप मे वहाँ जा रही थीं और उन्हें वहाँ से न्योता मिला था.

यह पूछे जाने पर कि यदि अब वीज़ा मिल जाए तो क्या वो पाकिस्तान जाना पसंद करेंगी तो शुभा मुदगल ने कहा कि अब वो पाकिस्तान नहीं जाएंगी.

लेकिन साथी कलाकार अपना फ़ैसला लेने के लिए स्वतंत्र हैं.

उन्होंने इस सारे मामले पर फ़ैज का एक शेर सुनाया-

" हमकि ठहरे अजनबी इतनी मदारातों के बाद
फिर बनेंगे आशना कितनी मुलाक़ातों के बाद "