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सोमवार, 14 मार्च, 2005 को 11:46 GMT तक के समाचार

40 के हुए आमिर ख़ान, 'राइज़िंग' का इंतज़ार

आमिर ख़ान 14 मार्च को 40 बरस के हो गए हैं.

उनकी चालीसवीं सालगिरह के वर्ष दर्शकों को इंतज़ार है उनकी फ़िल्म 'द राइज़िंग' का.

'लगान' और 'दिल चाहता है' जैसी कामयाब फ़िल्मों के बाद आमिर ख़ान की कोई फ़िल्म अभी तक नहीं आई है.

सिपाही विद्रोह में विद्रोह का बिगुल फूँकनेवाले सेनानी मंगल पांडे के जीवन पर आधारित केतन मेहता की हिंदी और अंग्रेज़ी में बनी फ़िल्म 'द राइज़िंग' बनकर तैयार है.

वैसे आमिर ख़ान इस वर्ष एक और फ़िल्म 'रंग दे बसंती' में भी काम कर रहे हैं जिसकी शूटिंग हो रही है.

इस फ़िल्म का निर्देशन 'अक्स' फ़िल्म से मशहूर हुए राकेश ओमप्रकाश मेहरा कर रहे हैं.

इसके अलावा आमिर ख़ान के 'हम-तुम' फ़िल्म के युवा निर्देशक कुणाल कोहली की एक फ़िल्म में भी काम करने की घोषणा हुई है जिसका नाम अभी तय नहीं किया गया है.

फ़िल्मी सफ़र

जाने-माने फ़िल्म निर्माता ताहिर हुसैन के बेटे आमिर ख़ान का जन्म 14 मार्च 1965 को हुआ.

प्रख्यात निर्माता-निर्देशक नासिर हुसैन आमिर ख़ान के चाचा थे जिन्होंने सबसे पहले आमिर को पर्दे पर उतारा.

1973 में आमिर ख़ान ने केवल आठ साल की उम्र में 'यादों की बारात' में बाल कलाकार के तौर पर अभिनय किया.

मगर इसके बाद आमिर ख़ान फ़िल्मों से दूर रहे और टेनिस खेलना शुरू किया.

21 वर्ष पूरे करते ही रीना से शादी की जो उनके घर के पास ही रहती थीं और हिंदू परिवार की थीं.

इसके बाद आमिर ख़ान के जीवन में 1988 एक मील का पत्थर साबित हुआ.

इस साल उनके चचेरे भाई मंसूर ख़ान ने 'क़यामत से क़यामत तक' बनाई जिसकी कहानी उनके पिता और आमिर के चाचा नासिर हुसैन ने लिखी थी.

युवाओं में 'क्यू एस क्यू टी' के नाम से मशहूर इस फ़िल्म ने 23 वर्षीय आमिर को सफलता की चोटी पर पहुँचा दिया.

इसके बाद तो फिर आमिर ख़ान की हिट फ़िल्मों की कतार ही लग गई.

2001 - मील का पत्थर

2001 - ये साल आमिर ख़ान के लिए एक नया मोड़ लाया.

इस साल उन्होंने पहली बार फ़िल्म के निर्माण में हाथ डाला और उनकी पहली ही फ़िल्म ने सफलता और शोहरत के झंडे गाड़ दिए.

'लगान' ने ना केवल टिकट खिड़की पर कमाई की बल्कि समीक्षकों ने भी फ़िल्म को हाथों-हाथ लिया.

आशुतोष गोवारिकर की निर्देशित इस फ़िल्म में आमिर ने 'भुवन' का किरदार निभाया था जिसने गाँव का लगान छुड़वाने के लिए अंग्रेज़ों को क्रिकेट मैच खेलने की चुनौती दे डाली थी.

लगान को विदेशी फ़िल्मों के वर्ग में ऑस्कर पुरस्कारों के लिए भी नामाँकित किया गया था.

2001 में ही आमिर ख़ान की एक और फ़िल्म आई 'दिल चाहता है' जिसमें उन्होंने 'लगान' के लगभग विपरीत रोल को पर्दे पर उतारा.

लगान में अगर वे धोती-कुर्ते में गाँव के सीधे-सादे 'भुवन' थे तो 'दिल चाहता है' में जींस-कोट-टी शर्ट वाले बिंदास आकाश.

फ़रहान अख़्तर की ये फ़िल्म भी ज़बरदस्त हिट रही.

मगर इसके बाद आमिर ख़ान ख़बरों में तो रहे मगर फ़िल्मों के साथ-साथ उनके व्यक्तिगत जीवन की रिपोर्टें भी आती रहीं.

'लगान' और 'दिल चाहता है' के बाद आमिर ख़ान अपनी पत्नी रीना से अलग हो गए.

आमिर ख़ान एक बेटे जुनैद और बेटी इरा के पिता हैं.