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मंगलवार, 22 फ़रवरी, 2005 को 08:20 GMT तक के समाचार

फ़िल्म से नाराज़ हैं रोमन कैथोलिक

भारत के रोमन कैथोलिक संगठनों ने माँग की है कि उस बॉलीवुड फ़िल्म का प्रदर्शन न किया जाए जिसमें एक पादरी को अपने से आधी उम्र की लड़की से प्रेम करते हुए दिखाया गया है.

यह फ़िल्म 'सिन्स' यानी पाप शुक्रवार को रिलीज़ होने वाली है और अब टेलीविज़न चैनल इस फ़िल्म की प्रचार सामग्री को दिखाने से भी इनकार कर रहे हैं.

फ़िल्म के निर्देशक विनोद पांडे का कहना है कि इस फ़िल्म में ऐसा कुछ नहीं है जिससे किसी की भावनाएँ आहत हों.

उन्होंने अपनी फ़िल्म का प्रदर्शन रोकने से इनकार कर दिया है.

रोमन कैथोलिक बुधवार को मुंबई में इसके ख़िलाफ़ प्रदर्शन भी करने जा रहे हैं.

मुंबई के रोमन कैथोलिक संगठनों के प्रमुख डॉल्फ़ी डिसूज़ा कहते हैं कि एक पादरी को ऐसे व्यक्ति के रुप में दिखाना जिसका कोई नैतिक चरित्र नहीं है, कैथोलिक धर्मावलंबियों की भावनाओं को आहत करता है.

उन्होंने इस फ़िल्म को 'पोर्नोग्राफ़िक और सनसनीख़ेज' कहा है.

उन्होंने फ़िल्म निर्देशक पर आरोप लगाया है कि वे व्यावसायिक लाभ के लिए पादरी की छवि खराब कर रहे हैं.

कैथोलिक सेक्युलर फ़ोरम के महासचिव जोसेफ़ डायस का कहना है, "धर्म व्यक्तिगत मामला है और इसे व्यक्तिगत ही रहने देना चाहिए, इसे मनोरंजन या व्यवसाय का मामला नहीं बनाना चाहिए."

कैथोलिक धर्मावलंबियों ने इस फ़िल्म को वापस लेने की माँग की है.

फ़िल्म देखने का अनुरोध

लेकिन फ़िल्म के निर्देशक विनोद पांडे का कहना है, " यदि कैथोलिक धार्मिक नेता इस फ़िल्म को देख लें तो वे फ़िल्म का विरोध करना बंद कर देंगे और इसे वापस लेने के लिए भी नहीं कहेंगे."

उनका कहना है, "यह वर्जित प्रेम पर आधारित एक कहानी है और इसका उद्देश्य किसी को आहत करना नहीं है."

बीबीसी के मुंबई संवाददाता ज़ुबैर अहमद का कहना है कि इस विवादित फ़िल्म में पादरी और एक किशोरी के प्रेम संबंध के अंतरंग दृश्य दिखाए गए हैं.

वह लड़की पादरी के पास जाती तो सहायता के लिए है लेकिन वह उसके प्रेम में पड़ जाती है.

केरल में फ़िल्माई गई इस फ़िल्म को सेंसर बोर्ड ने 'ए' सर्टिफ़िकेट के साथ यानी 'केवल वयस्कों के लिए' पास कर दिया है.

डिसूज़ा का कहना है कि वे सेंसर बोर्ड के इस निर्णय से भी चकित हैं.