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मंगलवार, 08 फ़रवरी, 2005 को 10:24 GMT तक के समाचार

आलोक प्रकाश पुतुल
भिलाई, छत्तीसगढ़

विश्व रिकॉर्ड के लिए तीस घंटे गाते रहे

छत्तीसगढ़ की इस्पात नगरी भिलाई की एक संस्था ने लगातार 30 घंटे तक भजन गाकर अनवरत गायन के पुराने विश्व रिकार्ड को ध्वस्त करने का दावा किया है.

लगातार गाने का पिछला विश्व रिकार्ड कनाडा के एक ग्रुप के नाम है, जिसने 22 घंटे तक गाना गाकर गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया था.

इस समूह का दावा है कि उसने रिकॉर्ड दर्ज करवाने के सारे नियम गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड से समझ लेने के बाद यह किया है.

इस 'सिंगिंग मैराथन' की शुरुवात शनिवार की दोपहर में हुई थी जो अगले दिन यानी रविवार की रात तक चलता रहा.

विश्व रिकॉर्ड बना या नहीं इसका फ़ैसला गिनीज़ संस्था प्रमाणों के आधार पर करेगी फिर प्रमाण पत्र जारी करेगी.

अभ्यास

कनाडा की संस्था का रिकॉर्ड देखने के बाद भिलाई की लाइफ क्रॉफ्ट के 23 सदस्यों ने विश्व रिकार्ड तोड़ने की ठानी.

अभ्यास से पहले गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के कार्यालय से संपर्क साधा गया.

उनसे इस 'सिंगिंग मैराथन' की नियमावली ली गयी, क़ायदे-क़ानून समझे गए.

आख़िर इस आयोजन का एकमात्र उद्देश्य गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज़ कराना ही तो था.

30 घंटे तक लगातार गाने के लिए 131 भजनों का चयन किया गया. फिर इसके लिए तीन दल बना कर अभ्यास शुऱु किया गया.

इस आयोजन के संगीत निर्देशक प्रभंजय चतुर्वेदी के अनुसार चार तबला वादक, तीन सिंथोसाइज़र वादक, एक बांसुरी और एक वायलिन वादक समेत कुल 23 सदस्यों का दल पिछले कई महीनों से लगातार अभ्यास करता रहा.

प्रभंजय कहते हैं- “हमने इस आयोजन के लिए दिन रात एक कर दिए. लगातार 30 घंटे गाना अपने आप में एक बड़ी चुनौती थी.”

लगातार 20-20 घंटे तक भजन गाने के अभ्यास के बाद जब 5 फरवरी की दोपहर गणेश वंदना के साथ विश्व रिकार्ड के लिए गाने का सिलसिला शुरु हुआ तो लाइफ क्रॉफ्ट के संयोजक डॉक्टर उज्जवल पाटनी विश्व रिकार्ड कायम करने को लेकर आश्वस्त थे.

नियम

जैसा कि गिनिज ने सूचना दी थी नियमानुसार दो भजनों के बीच 30 सेकेंड का अंतराल रखा जा सकता था लेकिन गायन समूह ने 10 से 15 सेकेंड का ही समय लिया.

इसी तरह प्रत्येक 4 घंटे के बाद 15 मिनट के अवकाश की जगह सदस्य हर बार 10 मिनट के भीतर ही मंच पर पुनः उपस्थित हो गए.

पाटनी बताते हैं-“हमने पूरी तैयारी की थी और हमें कोई शक नहीं था. पुराने रिकार्ड को तोड़ने के बजाय हमने नया रिकार्ड बनाने को अपना लक्ष्य रखा था. यही कारण था कि 23 घंटे के बजाय हमने 30 घंटे तक लगातार गायन का निर्णय लिया.”

6 फरवरी की दोपहर जब लाइफ क्रॉफ्ट के सदस्यों के गायन का सिलसिला पुराने विश्व रिकार्ड को तोड़ते हुए आगे निकला तो लोगों का उत्साह देखते ही बनता था.

हज़ारों की संख्या में लोग नाच रहे थे. “न विराम न पूर्ण विराम, हम बढ़ेंगे अविराम” और “है कुछ कर दिखाना, वर्ल्ड रिकार्ड है बनाना” जैसी तख्तियां लिए लोगों की भीड़ मंच के आसपास इकट्ठी होकर कलाकारों का हौसला बढ़ा रही थी.

गायक दल के उत्साह को बढ़ाने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह भी अपने सहयोगियों के साथ इस 'सिंगिंग मैराथन' में शामिल हुए.

लगातार 30 घंटे तक गाने के कारण संगीत दल के सभी 23 लोगों के चेहरों पर दो दिनों की थकान साफ़ झलक रही थी लेकिन जोश था कि थमने का नाम नहीं ले रहा था.

तबला वादक टी रवि कहते हैं- “उंगलियां लड़खड़ा रही थीं पर यक़ीन मानें, 24 घंटे और तबला बजाना होता तब भी हम पीछे नहीं हटते.”

रवि चाहते हैं कि अनवरत गायन का वर्ल्ड रिकार्ड हमेशा लाइफ क्रॉफ्ट के नाम रहे. लेकिन कभी न कभी, कोई दूसरा भी तो इस रिकार्ड को ध्वस्त करेगा?

रवि कहते हैं- “वो दूसरे भी हम ही होंगे.”

जोश तो देखने लायक है.