सोमवार, 29 नवंबर, 2004 को 18:57 GMT तक के समाचार
भारत का 35वाँ अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म समारोह गोवा में शुरू हो गया है.
नौ दिसंबर तक चलनेवाले फ़िल्मोत्सव में देश-विदेश की 200 से अधिक फ़िल्मों का प्रदर्शन होगा.
सोमवार को फ़िल्मोत्सव का उदघाटन सुभाष घई की नई फ़िल्म 'किसना' के संगीत से हुआ.
उदघाटन फ़िल्म थी मीरा नायर की फ़िल्म 'वैनिटी फ़ेयर' जिसके लिए मीरा नायर भी गोवा पहुँचीं.
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष से भारतीय अंतरराष्ट्रीय समारोह अब स्थायी रूप से गोवा में ही करवाए जाएँगे.
फ़िल्म समारोह में फ़िल्मों को सात प्रमुख वर्गों में बाँटा गया है.
प्रतियोगी खंड
एशियाई वर्ग में फ़िल्में प्रतियोगी खंड में रखी गई हैं जिन्हें पाँच सदस्यों की एक निर्णायक समिति देखेगी.
फ़िल्मकार मणि रत्नम की अगुआई वाली ये समिति दो सर्वश्रेष्ठ फ़िल्मों को चुनेगी जिनमें एक को गोल्डन पीकॉक और दूसरे को सिल्वर पीकॉक पुरस्कार दिए जाएँगे.
एक फ़िल्म निर्देशक को उसके व्यक्तिगत योगदान के लिए विशेष जूरी पुरस्कार भी दिया जाएगा.
उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त कई फ़िल्मों का पुनरावलोकन भी होगा और विश्व सिनेमा खंड में अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त फ़िल्में दिखाई जाएँगी.
भारतीय पैनोरमा
फ़िल्म समारोह निदेशालय की निदेशक नीलम कपूर ने बताया कि इसके अलावा भारतीय पैनोरमा में भी लगभग 40 फ़िल्में दिखाई जाएँगी.
नीलम कपूर ने कहा,"पहली बार एक पैकेज में भारतीय पैनोरमा की फ़िल्में दिखाई जा रही हैं जिनको विशेष तौर पर चुना गया है".
भारतीय पैनोरमा में हिंदी भाषा की फ़िल्में हैं - विशाल भारद्वाज की 'मक़बूल', सुधीर मिश्रा की 'चमेली' और 'हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी', विनोद गनात्रा की 'हेडा होडा', शशि कुमार की 'काया तारण', और एम एफ़ हुसैन की फ़िल्म 'मीनाक्षी- टेल ऑफ़ थ्री सिटीज़'.
रितुपर्णो घोष की बांग्ला फ़िल्म 'चोखेर बाली' और इस बार ऑस्कर के लिए नामांकित अकेली भारतीय फ़िल्म, मराठी भाषा की संदीप सावंत की फ़िल्म 'श्वास' भी इसी खंड में दिखाई जाएँगी.
समारोह के दौरान विदेशी फ़िल्मों 'अमेरिकन डेलाइट', 'फ़ाइंडिंग नेवरलैंड', 'द फ़ॉरगॉटेन' और 'इन्क्रेडिबल्स' नाम की फ़िल्मों के प्रीमियर शो होंगे.
साथ ही गणपति भारत की फ़िल्म 'हरि होम' और मनु रेवाल की फ़िल्म 'चाय पानी' के भी विशेष शो होंगे.