महाराष्ट्र में एक हज़ार से ज़्यादा सिनेमा मालिकों ने अनिश्चिकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा करते हुए अपने सिनेमा हॉल बंद कर दिए हैं.
वे मनोरंजन कर में कमी की माँग कर रहे हैं.
सिनेमा मालिक अपने हॉलों को अन्य व्यवसायों के लिए उपयोग की अनुमति भी चाहते हैं.
वे छह महीने में दूसरी बार हड़ताल पर गए हैं.
मल्टीप्लेक्स सिनेमा हॉल इस हड़ताल में शामिल नहीं हैं क्योंकि पहले पाँच साल के लिए उन्हें मनोरंजन कर नहीं देना पड़ता है.
सिनेमा मालिक संघ के अध्यक्ष आरवी विधानी ने शुक्रवार को कहा कि उनकी समस्याओं पर विचार करने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति बनाने का सरकारी आश्वासन झूठा साबित हुआ है.
उन्होंने कहा कि सरकार ने मनोरंजन कर में 10 प्रतिशत कमी का वायदा किया था जो कि पूरा नहीं किया गया.
उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र में सिनेमा की हर टिकट पर राज्य सरकार 55 प्रतिशत कर वसूलती है.
विधानी ने कहा कि कर में कमी के बजाय सरकार ने उल्टे सेवा कर में बढ़ोत्तरी कर दी है.
सिनेमा मालिकों की माँगों में सिनेमा हॉल को औद्योगिक दर पर बिजली देने की माँग शामिल है.