पिछले कुछ साल में पश्चिमी और भारतीय सभ्यता के संगम को दर्शाती फ़िल्में काफ़ी सफल रही हैं.
इनमें 'बेंड इट लाइक बेकम,' 'ईस्ट इज़ ईस्ट' और 'अमेरिकन देसी' से प्रभावित होकर अब मसाला फ़िल्में बनाने वाले निर्माता- निर्देशक भी अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के लिए ऐसी ही फ़िल्में बनाने लगे हैं.
अगले महीने रिलीज़ होने वाली फिल्म 'हरि ओम' एक ऐसी फ़िल्म है जिसे एक भारतीय कंपनी ने फ़ांसीसी सहयोग से पूरे अंतरराष्ट्रीय बाज़ार के लिए बनाया है, केवल प्रवासी भारतीयों के लिए नहीं.
ऐसा कहना है कि टिप्स फ़िल्म्स के मालिक कुमार तौरानी का जो हरि ओम के निर्माता हैं.
ये कहानी है कि फ़्रांसीसी युवा जोड़े की जो भारत घूमने आता है.
लेकिन हालात इस युवक और युवती को अलग कर देते हैं और कहानी शुरु होती है दोनो के सफ़र की.
फ़िल्म की हीरोइन को राजस्थान का एक रिक्शा चालक हरि ओम रेगिस्तान की सैर कराता है.
रेतीले और कच्चे रास्तों से किले और हवेलियों से गुज़रता हुआ ये सफ़र फ़िल्म के तीनों अभिनेताओं की जिंदगी में काफ़ी उथल-पुथल लाता है.
फ़िल्म के निर्देशक जी भरत का कहना है, "ये रोमांच से भरपूर फ़िल्म है जिसमें ज़िंदगी की सच्चाई है."
फ़िल्म में संगीत दिया है एआर रहमान ने.
हरि ओम का क़िरदार निभाया है विजय राज़ ने जो पहले 'मॉनसून वैडिंग' में नज़र आए थे.
![]() अभिनेत्री रेगिस्तान की सैर करती हैं |
'मॉनसून वैडिंग' में गेंदे के फूल खाने वाले 'दुबे जी 'का किरदार निभाने वाले विजय राज़ के अभिनय की काफ़ी सराहना हुई थी.
विजय राज़ का कहना है, "हरि ओम आज़ाद ख़याल व्यक्ति है जो दिल का बहुत साफ़ है और मैं उसमें अपनी झलक देखता हूँ."
इनके साथ मुख्य भूमिका में हैं फ़ांसीसी अभिनेता याँ मेरी लेयमर और फ़ांसीसी अभिनेत्री कैमिल नत्ता.
कैमिल कहती है कि उन्हें भारत बहुत ख़ूबसूरत लगता है और इस फ़िल्म में काम करना उनके लिए बहुत ही रोमांचक अनुभव था.
वे कहती हैं, "मैं पहली बार एक हाथी पर बैठी. रोज़ कोई अनोखी घटना घट जाती थी. एक बार तो एक गाँव में शूटिंग करते समय बिजली के सब तारों में आग लग गई. गोबर से बने घर भी देखे. बहुत ही सुंदर दृश्य था."
हरि ओम फ़िल्म दस करोड़ रुपए में बनाई गई है और केवल छह हफ़्तों की शूटिंग में पूरी हो गई.