हिंदी फ़िल्मों की कई अभिनेत्रियाँ परदे पर माँ की भूमिका निभाने से हिचकिचाती रही हैं.
उन्हें लगता है कि इससे उनकी ग्लैमरस छवि पर ख़राब असर पड़ेगा.
और, शादी और उसके बाद माँ बनना तो दूर की बात.
शादीशुदा हीरोइन का कैरियर हमेशा डावाँडोल रहा करता था.
लेकिन अब ये सब पुरानी बात हो चुकी है.
अब ये अभिनेत्रियाँ निजी ज़िंदगी में माँ बन कर केवल गौरव का अनुभव ही नहीं कर रही हैं, इनके कैरियर पर भी इसका असर पड़ता नज़र नहीं आ रहा है.
हाल ही में इसकी कई मिसालें सामने आई हैं.
चाहे वह माधुरी दीक्षित हों, या जूही चावला, या फिर काजोल.
बच्चे को जन्म देने के बाद इन्होंने चाहे अपने काम में कटौती कर दी हो लेकिन दर्शकों ने उन्हें नहीं नकारा.
जूही चावला हाल ही में 'झंकार बीट्स' और 'तीन दीवारें' में आईं और दर्शकों ने उन्हें हाथोंहाथ लिया.
माधुरी दीक्षित जब भी स्टेज शो करती हैं हॉल खचाखच भरा रहता है.काजोल और ट्विंकल खन्ना ने एक तरह से फ़िल्मों को अलविदा कह दी है लेकिन उनका जादू अब भी बरक़रार है.
और फिर मलाइका अरोड़ा!
आइटम गर्ल के नाम से जाने जाने वाली इस अभिनेत्री ने तो अपना ग्लैमर पूरी तरह बरक़रार रखा है.
'दिल से' और फिर हाल ही में 'काँटे' में उनकी छोटी सी भूमिका को भी दर्शक भूले नहीं हैं.
पहले की हीरोइनें अकसर शादी होने के बाद उसे छिपाए रखती थीं.
लेकिन अब माहौल बदल जाने के बाद हीरोइनें शादी करती हैं-डंके की चोट पर!