भारतीय अभिनेता दिलीप ताहिल का मामला ब्रितानी गृह मंत्री डेविड ब्लंकेट के सामने लाया गया है.
ब्रिटेन के सर्वाधिक लोकप्रिय टीवी सीरियल में काम कर रहे ताहिल पर देश से निकाले जाने का ख़तरा है.
दिलीप ताहिल बीबीसी के धारावाहिक ईस्टएंडर्स में डैन फ़रेरा का चरित्र निभा रहे हैं.
चार बच्चों के पिता फ़रेरा इस धारावाहिक के लोकप्रिय चरित्रों में से है.
बीबीसी ने दिलीप ताहिल के वर्क परमिट के लिए अर्ज़ी दी थी जिसे गृह मंत्रालय ने खारिज़ कर दिया.
पूर्व मंत्री कीथ वाज़ ने कहा कि उन्होंने ताहिल का मामला गृह मंत्री डेविड ब्लंकेट के सामने उठाया है.
वाज़ ने कहा कि ब्लंकेट ने मामले को देखने का आश्वासन दिया है.
भारतीय मूल के लेबर सांसद वाज़ ने कहा कि उनके चुनाव क्षेत्र के अनेक लोगों ने उनसे दिलीप ताहिल का मुद्दा उठाया है.
उन्होंने बीबीसी को बताया, "मुझे कई पत्र मिले हैं जिनमें डैन फ़रेरा के चरित्र की तारीफ़ की गई है और ताहिल को वापस भारत भेजे जाने संबंधी मीडिया रिपोर्टों पर चिंता व्यक्त की गई है."
वाज़ ने संसद में एक प्रस्ताव रख कर माँग की है कि दिलीप को अपने चरित्र को अंजाम तक पहुँचाने के लिए ब्रिटेन में रहने दिया जाए.
उन्होंने कहा, "धारावाहिक में उनके बच्चों का क्या होगा? चारों बच्चे 21 साल से ज़्यादा उम्र के हैं, कौन सँभालेगा उन्हें?"
वर्क परमिट
उल्लेखनीय है कि ताहिल प्रसिद्ध संगीत नाटिका 'बांबे ड्रीम्स' में काम करने लंदन आए थे.
लेकिन जब जून में वह ईस्टएंडर्स में काम करने लगे जबकि उनके वर्क परमिट में इस आशय का परिवर्तन नहीं हो सका.
माना जाता है कि गृह मंत्रालय ने ब्रिटेन में काम करने की उनकी याचिका को ठुकरा दिया और अब उन्हें भारत वापस भेजे जाने का ख़तरा है.
इससे पहले एशियाई मूल के ब्रितानी कलाकारों ने ईस्टएंडर्स में एक प्रमुख भूमिका एक बाहरी कलाकार को दिए जाने के लिए बीबीसी से विरोध जताया था.
ब्रितानी आव्रजन क़ानून के मुताबिक यदि यूरोपीय संघ के देशों का कोई व्यक्ति ब्रिटेन में किसी काम को करने के लिए उपलब्ध हो तो उसके लिए किसी बाहरी व्यक्ति को काम पर नहीं रखा जा सकता.