हिंदी फ़िल्मों की जानीमानी हास्य अभिनेत्री टुनटुन का 75 साल की आयु में निधन हो गया है.
टुनटुन का असली नाम उमा देवी था. उनका जन्म उत्तर प्रदेश के एक दूरदराज़ गाँव में हुआ और बचपन में ही वह अपने माता-पिता दोनों को खो चुकी थीं.
तेरह वर्ष की आयु में वह मुंबई आईं एक गायिका बनने.
वर्ष 1947 में उन्हें पहली बार गाने का मौक़ा मिला.
संगीत की कोई औपचारिक तालीम न होने पर उनकी आवाज़ में एक ख़ास मिठास थी.
उनके संगीत पर नूरजहाँ और शमशाद बेगम का प्रभाव साफ़ नज़र आता था.
उनके एक गीत 'अफ़साना लिख रही हूँ, दिले बेक़रार का...' ने उन्हें शोहरत की नई बुलंदियों पर पहुँचाया.
उनकी अभिनय प्रतिभा को पहचाना उन्हें बढ़ावा देने वाले संगीतकार नौशाद अली ने और उन्होंने ही उमा देवी को सलाह दी हास्य अभिनेत्री बनने की.
यह उनका नया और अधिक सफल अवतार था.
उनकी पहली फ़िल्म 'बाबुल' थी जिसके हीरो दिलीप कुमार और हीरोइन नरगिस थीं.
उनका फ़िल्मी नाम टुनटुन रखा गया और वह फिर उसी नाम से मशहूर हुईं.
उनकी मशहूर फ़िल्मों में 'आरपार', 'प्यासा', 'मिस्टर ऐंड मिसेज़ फ़िफ़्टी फ़ाइव' और 'मोम की गुड़िया' शामिल हैं.