http://www.bbcchindi.com

बिकिनी पहनने में बुराई क्या है?

मॉडेल से मिस इंडिया और फिर हिंदी फ़िल्मों की हीरोइन. ज़ीनत अमान, ऐश्वर्या राय और भी जाने कितने नाम हैं.

इस कड़ी में नया नाम है नेहा धूपिया का जो 'क़यामत' के बाद अब 'जूली' से एक नया जादू जगाने का इरादा रखती हैं.

उनका कहना है कि उन्हें रोल की मांग के अनुसार कपड़े पहनने से कोई एतराज़ नहीं है.

वह कहती हैं, "आख़िर बिकिनी में बुराई क्या है? कोई पानी में कुछ और पहन कर उतरेगा तो बेवक़ूफ़ नहीं लगेगा"?

वह कहती हैं कि वह इस भ्रम को तोड़ना चाहती हैं कि मॉडेल अभिनय नहीं कर सकती.

वह इस क्रम में ऐश्वर्या और बिपाशा की मिसाल देती हैं.

नेहा कहती हैं कि वह आइटम नंबर में दिलचस्पी नहीं रखती हैं. वह कुछ ऐसी भूमिकाएँ चाह रही हैं जिनमें कुछ कर दिखाने की गुंजाइश हो.

* * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * *

महान संगीतकार को श्रद्धांजलि

महान संगीतज्ञ उस्ताद समद ख़ान की ज़िंदगी पर बनी फ़िल्म 'वह तेरा नाम था' में अमरीश पुरी उस्ताद की भूमिका में हैं.

पचास के दशक के भारत की पृष्ठभूमि पर बनी इस फ़िल्म में उस समय के भोपाल के कुछ बहुत ही सुंदर दृश्य देखने को मिलेंगे.

विजयपत सिंघानिया की इस फ़िल्म का निर्दशन कर रहे हैं कुक्कू कोहली.

फ़िल्म की एक ख़ास बात यह है कि इसमें निदा फ़ाज़ली और क़तील शिफ़ाई जैसे शायरों के कलाम शामिल हैं.

फ़िल्म के संगीतकार हैं रूपकुमार राठौड़.

वह तेरा नाम था में कई नए चेहरे नज़र आएँगे लेकिन लोग प्रेम चोपड़ा को भी एक नए ही अवतार में देखेंगे.

* * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * *

'फ़िल्मी माँ'...अभी नहीं!

माधुरी दीक्षित असली ज़िंदगी में माँ बन गई हैं लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि वह रुपहले परदे पर भी माँ के रोल में नज़र आएँ.

और वह भी चार-चार जवान बेटों की.

जीहाँ, 'बाग़बान' में जो भूमिका हेमा मालिनी ने की है वह पहले माधुरी को ऑफ़र की गई थी.

माधुरी ने साफ़ इनकार कर दिया. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उन्होंने फ़िल्मों को अलविदा कह दिया है.

वह जल्दी ही ज़ोया अख़्तर की नई फ़िल्म में नज़र आएँगी जिसमें उनका साथ देंगे सैफ़ अली ख़ान.

इसके अलावा रितुपर्णो घोष भी उन्हें अपनी दो फ़िल्मों के लिए साइन करने जा रहे हैं.