भारत के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा है कि आतंकवाद पर दोहरे मानदंड नहीं चलेंगे.
संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में हिस्सा लेने न्यूयॉर्क गए वाजपेयी ने सोमवार को एशिया सोसाइटी के एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया.
वाजपेयी ने स्पष्ट किया कि एक देश पर हमला सब पर हमला माना जाना चाहिए.
प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का भाषण पाकिस्तान और भारत-अमरीका संबंध पर ही केंद्रित था.
वाजपेयी 25 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण करेंगे और इससे पहले 24 सितंबर को वे अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश से मिलेंगे.
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ भी न्यूयॉर्क में है और वे वाजपेयी से एक दिन पहले यानी 24 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा में बोलेंगे.
लड़ाई
वाजपेयी ने अपना भाषण आतंकवाद पर ज़्यादा केंद्रित रखा. उन्होंने कहा कि एक पर हमला सब पर हमला माना जाना चाहिए.
वाजपेयी ने कहा कि अगर आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई जीतनी है, तो इसे सबको मिलकर लड़नी होगी.
उन्होंने कहा कि अमरीका भी आतंकवाद से प्रभावित है और उसे यह बात समझ लेनी चाहिए
अमरीका के साथ संबंध पर उन्होंने बड़ी रोचक बात ये कही कि ये संबंध जल्दबाज़ी में नहीं बन सकते.
वाजपेयी ने कहा कि अपने 50 साल के राजनीतिक जीवन में उन्हें पता चल गया है कि कुछ चीजें धीरे-धीरे होती है.