शुक्रवार, 27 फ़रवरी, 2009 को 13:23 GMT तक के समाचार
इस साल जनवरी के महीने में जापान के औद्योगिक उत्पादन में रिकॉर्ड 10 प्रतिशत की गिरावट आई है.
सरकार का कहना है कि क़रीब 50 वर्ष पहले जब से रिकॉर्ड रखे जाने लगे हैं, तब से एक महीने में यह सर्वाधिक गिरावट है.
लगातार चौथे महीने जापान के औद्योगिक उत्पादन में गिरावट आई है. दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था दशकों में सबसे बड़ी मंदी के दौर से गुज़र रही है.
कुछ दिन पहले ही जापान सरकार ने यह कहा था कि एक वर्ष पहले की तुलना में इस साल जनवरी में निर्यात 45.7 फ़ीसदी गिरा है.
जापान की अर्थव्यस्था इसलिए इतनी प्रभावित हुई है, क्योंकि उसके उत्पादनों की मांग बहुत ज़्यादा गिर गई है.
चिंता
टोक्यो से बीबीसी संवाददाता रोनाल्ड बुएर्क का कहना है कि दुनियाभर के उपभोक्ता अपनी नौकरी को लेकर चिंतित हैं.
उनका कहना है कि इसी कारण उपभोक्ता जापानी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और कार नहीं ख़रीद रहे हैं.
जापान ऑटोमोबाइल निर्माताओं के एसोसिएशन के मुताबिक़ इस साल जनवरी में कार उत्पादन में पिछले साल के मुक़ाबले 41 प्रतिशत गिरावट आई है.
इस साल जनवरी में जापान में 576,539 गाड़ियाँ तैयार की गईं, लेकिन पिछले साल यानी 2008 के जनवरी में 976,975 गाड़ियाँ तैयार की गई थी.
कमी
आर्थिक मंदी के इस आलम में ख़ुद जापानी लोगों ने व्यय में कमी की है. पिछले एक साल के मुक़ाबले औसतन एक घर के व्यय में 5.9 प्रतिशत की कमी आई है.
नौकरियों में कमी आ रही है और बेरोज़गार लोगों की संख्या बढ़कर दो लाख हो गई है. जापान के वित्त मंत्री काओरू योसाना ने कहा, "मंदी का सर्वाधिक असर दुनिया की असली अर्थव्यवस्था पर पड़ा है."
बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि एक समय जापानी अर्थव्यवस्था इस तरह के संकट से कम प्रभावित होती थी क्योंकि अमरीका और यूरोपीय देशों की तरह यहाँ के बैंक लोगों को उस तरह के कम ही ऋण देते थे, जिनकी वसूली संभव नहीं हो पाती है.
उनका कहना है कि अपनी अर्थव्यवस्था को चलाने के लिए विदेशी बाज़ार पर जापान की निर्भरता का असर इस मंदी में दिखा है.