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बुधवार, 25 फ़रवरी, 2009 को 16:10 GMT तक के समाचार

जापान में निर्यात में भारी गिरावट

जापान में जनवरी महीने में निर्यात में 45 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है, निर्यात का आंकड़ा दस वर्ष पहले के स्तर से भी नीचे चला गया है.

जापान में आयात और निर्यात का संतुलन बुरी तरह बिगड़ गया है और 1980 से अब तक यह सबसे बड़ा असंतुलन है.

निर्यात से होने वाली कमाई की तुलना में जापान के आयात का बिल लगभग 10 अरब डॉलर अधिक है.

निर्यात में इस कमी की सबसे बड़ी वजह है जापानी कारों के निर्यात में आई गिरावट, जापानी कारों का निर्यात लगभग 70 प्रतिशत तक गिर गया है.

घरेलू बाज़ार में माँग की कमी आई है, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं, वाहनों और अन्य उपभोक्ता वस्तुओं की बिक्री में गिरावट ने जापान में मंदी की हालत को और भयावह बना दिया है.

वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइज़ेशन के प्रमुख पैस्कल लैमी ने मौजूदा हालत पर टिप्पणी करते हुए कहा, "जापान की हालत अन्य देशों के मुकाबले अधिक ख़राब है क्योंकि उसकी अर्थव्यवस्था के केंद्र में इन्हीं वस्तुओं की बिक्री है."

जापान से अमरीका को होने वाले निर्यात में 53 प्रतिशत की गिरावट आई है, यूरोप को होने वाला निर्यात भी 47 प्रतिशत कम हुआ है.

नोरिकुचिन रिसर्च इंस्टीट्यूट के तेकासी मिनामी ने कहा, "चीन और अन्य एशियाई देशों को होने वाला निर्यात भी अमरीका की ही तरह गिर रहा है जबकि वहाँ अर्थव्यवस्था में मंदी नहीं आई है."

विशेषज्ञों का कहना है कि जापान की अर्थव्यवस्था की इतनी ख़राब हालत पिछले 35 वर्षों में कभी नहीं रही. सबसे अधिक मार जिन क्षेत्रों पर पड़ी है उनमें कार और इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद शामिल हैं.

सोनी और पॉयनियर जैसी इलेक्ट्रॉनिक कंपनियाँ अपने कर्मचारियों की संख्या में हज़ारों की कटौती कर रही हैं.