मंगलवार, 24 फ़रवरी, 2009 को 07:48 GMT तक के समाचार
अमरीका के शेयर बाज़ारों में आई भारी गिरावट के बाद भारत समेत एशिया के शेयर बाज़ारों में मंगलवार को गिरावट देखी गई.
सुबह के कारोबार में मुंबई शेयर बाज़ार का सूचकांक 200 से ज़्यादा अंक लुढ़का. हालांकि बाद में इसमें सुधार देखा गया और बीएसई का सेंसेक्स 21.15 अंक नीचे 8,822.06 के स्तर पर बंद हुआ.
अमरीका में न्यूयॉर्क में डाओ जोन्स पिछले 12 साल के न्यूनतम स्तर पर जा पहुँचा और उसके बाद जापान और हांगकांग शेयर बाज़ारों में भी वही रुझान नज़र आया है.
टोक्यो का निक्केई लगभग 1.4 प्रतिशत लुढ़क कर बंद हुआ.
जापान के वित्त मंत्री कोओरो योसानो ने कहा कि सरकार इस पर विचार कर रही है कि यदि शेयर बाज़ार और गिरता है तो वह क्या-क्या कदम उठा सकती है.
हांगकांग के शेयर बाज़ार में लगभग तीन प्रतिशत की गिरावट देखी गई.
सेंसेक्स भी लुढ़का
मुंबई स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक मंगलवार को शुरुआती कारोबार में ही लगभग 224 अंक गिर गया.
रियल एस्टेट कंपनियों और बैंकों के शेयर धड़ाधड़ बिके हैं. सेंसेक्स की शुरुआत ही 8707 अंकों से हुई थी और भारतीय समयानुसार लगभग ग्यारह बजे तक 224 अंकों की गिरावट आ चुकी थी.
भारत में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ़्टी भी मंगलवार सुबह लगभग 60 अंक गिरा और 2677 तक जा पहुँचा था.
एनएसई का निफ्टी 2.55 अंक नीचे 2,733.90 के स्तर पर बंद हुआ.
जानकार मान रहे हैं कि ये गिरावट अमरीकी शेयर बाज़ारों में आई गिरावट के कारण है.
हालाँकि पर्यवेक्षकों का मानना है कि अमरीकी शेयर बाज़ार में गिरावट का मुख्य कारण ये है कि निवेशकों को सरकार की वित्तीय प्रणाली में स्थिरता कायम कर पाने की क्षमता पर चिंता है.