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बुधवार, 11 फ़रवरी, 2009 को 12:20 GMT तक के समाचार

ब्रिटेन में बेरोज़गारों की तादाद बढ़ी

ब्रिटेन में बेरोज़गार लोगों की संख्या 20 लाख के क़रीब पहुँच गई है जो 12 वर्षों का सबसे ऊँचा आंकड़ा है.

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक़ पिछले तीन महीनों में देश में लगभग डेढ़ लाख लोग बेरोज़गार हुए हैं.

ब्रिटेन में सिर्फ़ दिसंबर महीने में बेरोज़गारी भत्ता लेने वाले नए लोगों संख्या में करीब 75 हज़ार लोग जुड़ गए हैं.

दुनिया भर में बेरोज़गारी के आंकड़े तेज़ी से बढ़ते हुए सात प्रतिशत के करीब पहुँच गए हैं जिससे पता चलता है कि स्थिति पिछले एक दशक में इतनी ख़राब पहले कभी नहीं हुई.

ज्यादातर ब्रितानी विश्लेषकों का कहना है कि बेरोज़गार लोगों की तादाद और बढ़ सकती है क्योंकि अगर अर्थव्यवस्था में तेज़ी नहीं आती है तो कंपनियाँ और छँटनियाँ कर सकती हैं.

रोज़गार कानून के मामलों में कंपनियों को सलाह देने वाली एक ब्रितानी फर्म के प्रमुख पीटर मूनी का कहना है कि "दिसंबर महीने से ही ढेर सारी कंपनियाँ हमारे पास आने लगी हैं जो अपने कर्मचारियों को काम से हटाना चाहती हैं."

उनका कहना है, "हालत सुधरने से पहले उसके और बिगड़ने के ही आसार दिख रहे हैं, अभी ढेर सारे लोग हैं जिनके ऊपर छँटनी की तलवार लटक रही है."

बेरोज़गारों के बढ़ते आंकड़ों के बीच प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन देश के प्रमुख व्यवसायियों से मिल रहे हैं ताकि समस्या का कोई हल निकाला जा सके.

ब्रितानी श्रमिक संगठन टीयूसी के प्रमुख रिचर्ड एक्सेल ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि सरकार को छँटनी के शिकार लोगों का ध्यान रखना चाहिए और साथ ही उन लोगों का भी जिन पर इसका ख़तरा मँडरा रहा है.

उन्होंने कहा, "सरकार को चाहिए कि वह कंपनियों की मदद करे ताकि वे लोगों की छँटनी करने के बदले दूसरे रास्ते अपनाएँ, मिसाल के तौर पर काम के घंटे कम कर दें या फिर दूसरे ख़र्चों पर अंकुश लगाएँ."

टीयूसी का कहना है कि ब्रिटेन में बेरोज़गारी के आँकड़े बाक़ी यूरोप से कम हैं लेकिन उसमें बढ़ोतरी की दर यूरोपीय देशों के मुक़ाबले दोगुनी तेज़ है.