शुक्रवार, 06 फ़रवरी, 2009 को 14:03 GMT तक के समाचार
विश्व की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी टोयोटा ने वर्ष 2008 में कारों की माँग में भारी कमी आ जाने की वजह से अपने संभावित नुक़सान के आँकड़े और बढ़ा दिए हैं.
दिसंबर 2008 टोयोटा ने अनुमान व्यक्त किया था कि पूरे वर्ष का कारोबारी नुक़सान क़रीब 150 अरब जापानी येन यानी एक अरब 65 करोड़ डॉलर रहेगा लेकिन अब यह आँकड़ा बढ़ गया है.
जापानी कार निर्माता कंपनी टोयोटा ने अब इस नुक़सान आँकड़े को तीन गुना बढ़ा दिया है और अब क़रीब 450 अरब येन का नुक़सान होने की आशंका है.
हालाँकि टोयोटा पर आर्थिक मंदी का इतना असर नहीं हुआ है जितना कि अमरीकी कार निर्माता कंपनियों पर हुआ है लेकिन आम तौर पर लोकप्रिय कारों के लिए मशहूर टोयोटा कंपनी को भी माँग में कमी से दो-चार होना पड़ रहा है.
जापानी मुद्रा येन में आई मज़बूती से भी टोयोटा का मुनाफ़ा घटा है और इस वजह से विदेशों से होने वाली उसकी आमदनी कम हुई है.
टोयोटा ने कहा है कि अक्तूबर से दिसंबर 2008 की तिमाही में उसे 164 अरब 70 करोड़ येन का नुक़सान हुआ है.
टोयोटा ने अपनी कारों और अन्य वाहनों की अनुमानित बिक्री के आँकड़े भी कम कर दिए हैं. पहले वर्ष 2008/09 वित्तीय वर्ष में 75 लाख 40 हज़ार वाहन बिक्री का अनुमान लगाया गया था जो अब घटाकर 73 लाख 20 हज़ार कर दिया गया है.
मार्च 2008 में समाप्त होने वाले वर्ष में टोयोटा ने 89 लाख 13 हज़ार वाहन बेचे थे.
टोयोटा के मुखिया कत्सुआकी वातानाबी ने दिसंबर 2008 में कहा था कि मौजूदा आर्थिक मंदी इतनी बड़ी है कि ऐसा एक सौ साल में एकाध बार ही होता है.
टोयोटा कंपनी के दुनिया भर में स्थित कारख़ानों में जनवरी और फ़रवरी के दौरान कामकाज सिर्फ़ एक शिफ़्ट तक सीमित कर दिया गया है.
टोयोटा की जापान स्थित फैक्टरियों में जनवरी से मार्च के दौरान पूरा कामकाज लगभग 14 दिन तक स्थगित रहेगा यानी कोई कामकाज नहीं होगा.