मंगलवार, 27 जनवरी, 2009 को 02:13 GMT तक के समाचार
विश्वव्यापी आर्थिक मंदी के कारण दुनिया भर में नौकरियों पर ख़तरा बढ़ गया है.
सिर्फ़ सोमवार को सात बड़ी कंपनियों ने 70 हज़ार कर्मचारियों की छुट्टी कर दी है.
सबसे बड़ा फ़ैसला सब प्राइम संकट से जूझ रहे अमरीका में कंस्ट्रक्शन कंपनी कैटरपिलर ने लिया है.
नुकसान उठा रही इस कंपनी में बीस हज़ार कर्मचारियों की छँटनी होगी.
यूरोप में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद बनाने वाली फिलिप्स, इस्पात कंपनी कोरस और आईएनजी बैंक ने भी कर्मचारियों की छँटनी का फ़रमान जारी किया है.
कैटरपिलर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिम ओवेन्स का कहना है, "इसमें कोई शक नहीं कि वर्ष 2009 बहुत संकट भरा होगा."
जिन कंपनियों ने कर्मचारियों की संख्या कम करने का फ़ैसला किया है, उनमें से अधिकतर के नतीजे अच्छे नहीं हैं और उन्होंने आने वाले समय में कारोबार गिरने का अंदेशा जताया है.
कैटरपिलर के शुद्ध मुनाफ़े में साल की चौथी तिमाही के दौरान 32 फ़ीसदी गिरावट आई है.
आर्थिक पैकेज का सहारा
नौकरियों पर मँडरा रहे ख़तरे की भनक को भुनाते हुए नए अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कॉंग्रेस से अपील की है कि वो 825 अरब डॉलर के आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज को जल्दी मंज़ूरी दे दे.
इस पैकेज में कर दरें कम करने, आपात मदद और सरकारी निवेश बढ़ाने का प्रावधान है.
ओबामा का कहना है, "छँटनी की संख्या के अलावा उन परिवारों को देखिए जो बर्बाद हो चुके हैं और जिनके सपने अधूरे रह गए."
कैटरपिलर के अलावा अमरीकी टेक्नोलॉजी कंपनी टेक्सास इंस्ट्रूमेंट ने 3400 कर्मचारियों को हटाने का फ़ैसला किया है.
मोबाइल चिप बनाने वाली इस कंपनी ने कहा है कि माँग घटने के कारण वो ये क़दम उठा रही है.
अमरीकी दवा कंपनी फ़ाइज़र भी बीस हज़ार नौकरियाँ कम कर रही है.
ऑटो कंपनी जनरल मोटर्स ने कहा है कि माँग नहीं रहने के कारण उसे मिशिगन और ओहियो के कारखाने बंद करने पड़े हैं, इसलिए वहाँ काम करने वाले दो हज़ार कर्मचारियों की छँटनी होगी.
नीदरलैंड के बड़े बैंक आईएनजी ने सात हज़ार लोगों को हटाने का फ़ैसला किया है.
स्टील कंपनी कोरस पहले ही 3500 कर्मचारियों को निकालने का फ़ैसला कर चुकी है जिनमें से 2500 ब्रिटेन की इकाई में काम करने वाले हैं.