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बुधवार, 21 जनवरी, 2009 को 11:46 GMT तक के समाचार

'अब और आर्थिक पैकेज नहीं मिलेगा'

भारतीय योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा है कि उद्योगों के लिए काफ़ी कुछ किया जा चुका है और वित्त वर्ष 2008-09 में अब कोई आर्थिक पैकेज नहीं दिया जाएगा.

दिल्ली में एक सेमिनार में उन्होंने कहा, "अब तक जो भी किया गया है वह पर्याप्त है और इस वित्त वर्ष में किसी तरह का आर्थिक पैकेज देने का प्रस्ताव नहीं है."

भारत सरकार वैश्विक आर्थिक मंदी से जूझ रहे भारतीय उद्योगों को पहले ही दो बार आर्थिक पैकेज दे चुकी है.

उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए सरकार और रिज़र्व बैंक बहुत तालमेल के साथ काम कर रहे हैं.

योजना आयोग के उपाध्यक्ष पहले ही कह चुके हैं इस वित्त वर्ष में 31 मार्च तक उद्योगों को टैक्स में और छूट नहीं दी जा सकती.

मंगलवार को उन्होंने कहा था, "इस वित्त वर्ष और अगले बजट के बीच टैक्सों में कोई फेरबदल नहीं किया जाएगा."

भारत का अगला बजट जुलाई महीने में पेश होगा क्योंकि उससे पहले देश में आम चुनाव होने हैं. मौजूदा सरकार फ़रवरी में लेखानुदान पारित करवाएगी ताकि अगले बजट तक कामकाज चलता रहे. अगला बजट चुनाव के बाद गठित होने वाली सरकार पेश करेगी.

अहलूवालिया ने कहा कि देश के आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए अगले वित्त वर्ष में हर तरह के उपायों की ज़रूरत होगी. माना जा रहा है कि अगले वित्त वर्ष में भारत की विकास दर गिरकर सात प्रतिशत तक पहुँच सकती है.

मोंटेक सिंह अहलूवालिया योजना आयोग के उपाध्यक्ष हैं. हालांकि उनकी भूमिका कहीं अधिक बड़ी मानी जाती है क्योंकि वे प्रधानमंत्री के निकटतम सलाहकारों में से है और पी चिदंबरम के गृह मंत्री बनने के बाद से वित्त मंत्रालय का प्रभार प्रधानमंत्री के पास है.

मंदी की वजह से भारतीय उद्योग बुरी तरह प्रभावित हैं और निर्यात में काफ़ी कमी आई है.