बुधवार, 21 जनवरी, 2009 को 07:57 GMT तक के समाचार
अमरीका के शेयर बाज़ारों में मंगलवार को पिछले दो महीने की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज़ की गई है.
किसी भी राष्ट्रपति के शपथ लेने के दिन यह शेयर बाज़ारों की सबसे बड़ी गिरावट है जो अपने आप में एक रिकार्ड है. ओबामा ने शपथ ग्रहण के दौरान अर्थव्यवस्था को बड़ी चुनौती क़रार दिया था.
मुख्य शेयर बाज़ार डाउ जोंस का सेंसेक्स चार प्रतिशत से अधिक गिर गया जिसमें बैंक शेयरों में सबसे अधिक गिरावट दर्ज़ की गई.
न्यूयॉर्क में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि यह बैंकों में डर दर्शाता है कि आने वाले दिनों में कुछ बैंकों का राष्ट्रीयकरण हो सकता है.
इतना ही नहीं ये गिरावट दिखाता है कि राष्ट्रपति के समक्ष मौजूद वित्तीय संकट कितना बड़ा है.
बुधवार को राष्ट्रपति ओबामा वरिष्ठ आर्थिक सलाहकारों से बातचीत करेंगे जिसमें आर्थिक योजना पर चर्चा होगी.
उधर शेयर बाज़ारों में दिन भर के व्यवसाय में संस्थागत निवेशकों के लिए पैसे का प्रबंधन संभालने वाली कंपनी स्टेट स्ट्रीट कारपोरेशन को सबसे अधिक नुकसान हुआ जिसका मूल्य अब आधा रह गया है.
उल्लेखनीय है कि स्टेट स्ट्रीट कारपोरेशन ने अपने निवेश पोर्टफोलियो में छह अरब डॉलर का नुकसान दिखाया जिसके बाद कंपनी के मूल्य में यह गिरावट दर्ज़ की गई.
बैंकों के शेयर
शेयर बाज़ारों में दर्ज़ की गई गिरावट का सबसे अधिक असर बैंकों पर पड़ा है.
बैंक ऑफ अमेरिका के शेयरों में 28 प्रतिशत, जेपी मार्गन में 20.7 प्रतिशत और सिटीग्रुप के शेयरों में 20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज़ की गई.
मंगलवार को बैंक ऑफ न्यूयॉर्क मेलन ने अपने परिणाम घोषित किए जिसमें पाया गया कि पिछले चार महीनों में लाभ में 88 प्रतिशत की गिरावट है जबकि स्टेट स्ट्रीट के लाभ में 71 प्रतिशत की गिरावट थी.
पिछले कुछ समय मे सिटीग्रुप और बैंक ऑप अमेरीका के लाभ में भी ख़ासी कमी देखी जा चुकी है.
सिटीग्रुप के बारे में पिछले हफ्ते यह ख़बर भी आ चुकी है कि वो नुकसान के कारण कंपनी को दो हिस्सों में बांटना चाह रहे हैं.
मेरिल लिंच के पिछले चार महीनों के आकड़ों में भी भारी नुकसान देखा गया है.
रॉयल बैंक ऑफ स्कॉटलैंड ( आरबीएस) भी इस हफ्ते अपने परिणाम देने वाला है और माना जा रहा है कि उनका नुकसान 28 अरब से अधिक का हो सकता है.
न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में गिरावट से पहले लंदन के स्टॉक बाज़ार में गिरावट हो चुकी है. आरबीएस के शेयर 11 प्रतिशत गिरे जबकि एक दिन पहले इन शेयरों में 67 प्रतिशत की गिरावट दर्ज़ की गई थी.