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बुधवार, 14 जनवरी, 2009 को 02:35 GMT तक के समाचार

'सत्यम का असर भारत की छवि पर नहीं'

ब्रितानी विदेश मंत्री डेविड मिलिबैंड ने कहा है कि सत्यम अपने आप में इकलौता मामला है और इसका असर भारत की अर्थव्यवस्था पर नहीं पड़ेगा.

विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी के साथ बैठक के बाद साझा प्रेस कॉंफ़्रेंस में मिलिबैंड ने कहा, "मैं नहीं मानता कि एक सेब के ख़राब होने का मतलब है कि पूरा ढेर ही सड़ा हुआ है."

उनका कहना था, "इसके उलट मैं मानता हूँ कि भारत का आर्थिक विकास बेहद मज़बूत आधार, औद्योगिक परिश्रम और कुछ नया करने की ललक पर टिका है."

मिलिबैंड ने ये ज़रूर कहा कि कॉर्पोरेट गवर्नेंस के भारतीय क़ानूनों को सख़्ती से लागू किया जाना चाहिए.

वहीं विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने विदेशी निवेशकों की आशंकाओं को ख़ारिज करते हुए कहा कि इस मामले पर सभी ज़रूरी क़दम उठाए जा रहे हैं और घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है.

प्रधानमंत्री ने की समीक्षा

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सत्यम घोटाले पर मंगलवार को अपने वरिष्ठ मंत्रिमंडलीय सहयोगियों के साथ विचार विमर्श किया.

मनमोहन सिंह के साथ बैठक में विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी, गृहमंत्री पी चिदंबरम, वाणिज्य मंत्री कमलनाथ, कंपनी मामलों के मंत्री प्रेमचंद गुप्ता और योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेकसिंह अहलूवालिया मौजूद थे.

प्रधानमंत्री ने सोमवार को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के प्रमुख सीबी भावे और वित्त मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी विचार विमर्श किया था.

उल्लेखनीय है कि सत्यम कंप्यूटर्स के खातों में व्यापक पैमाने पर धोखाधड़ी का मामला उजागर होने के बाद सरकार ने कंपनी की बागडोर अपने हाथ में ले ली है.

सरकार ने कंपनी के नए बोर्ड का गठन करते हुए उसमें किरण कार्निक, दीपक पारेख और वी अच्युतन को शामिल किया है जिन्होंने सोमवार को बोर्ड की पहली बैठक की थी.

दूसरी ओर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कमलनाथ ने सोमवार पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि सरकार सत्यम के नए बोर्ड को हरसंभव मदद देगी ताकि कंपनी इस विवाद से उबर सके.

साथ ही उन्होंने कहा था कि ज़रूरी हुआ तो कंपनी को वित्तीय सहायता दिए जाने पर भी विचार किया जा सकता है.