सोमवार, 12 जनवरी, 2009 को 08:24 GMT तक के समाचार
विश्व बैंक ने भारतीय कंपनी विप्रो टेक्नॉलॉजी के साथ कारोबार पर रोक लगाने के अपने फैसले के बारे में बयान जारी किया है.
विश्व बैंक ने सत्यम के बाद विप्रो और एक अन्य कंपनी के साथ कारोबार पर रोक पहले ही लगाई थी लेकिन अब बैंक ने इनके नाम उजागर किए हैं.
सत्यम और विप्रो के अलावा बैंक ने मेगासॉफ्ट कन्सलटेंट्स पर भी चार वर्षों का प्रतिबंध लगाया है.
बैंक ने इन कंपनियों के साथ सीधे क़रार करने पर रोक लगा दी है.
बैंक ने साफ़ किया है कि विप्रो पर बैंक के स्टॉफ को अनुचित लाभ देने का आरोप है.
बैंक ने 'कारपोरेट प्रोक्योरमेंट प्रोगाम' के तहत यह निर्णय लिया है और यह निर्णय बैंक ने पारदर्शिता और निष्पक्षता की नीति के तहत लिया है.
बैंक के बयान के साथ ही विप्रो ने भी सोमवार को एक बयान में कहा है कि विश्व बैंक ने वर्ष 2007 में यह निर्णय लिया था कि वर्ष 2011 तक विप्रो बैंक के साथ सीधे अनुबंध के योग्य नहीं है.
हालांकि विप्रो का कहना है कि विश्व बैंक के इस निर्णय ने उसके कारोबार और लाभ पर कोई फ़र्क़ नहीं पड़ेगा.
सत्यम को विश्व बैंक ने आठ वर्षो के लिए और मेगासॉफ़्ट कंस्लटेंट लिमिटेड को चार साल के लिए बैंक के साथ अनुबंध करने के अयोग्य करार दिया है.