सोमवार, 12 जनवरी, 2009 को 20:57 GMT तक के समाचार
केंद्र सरकार ने कहा है कि घोटाले से घिरी भारत की सूचना प्रौद्योगिकी की चौथी बड़ी कंपनी सत्यम कंप्यूटर्स सर्विसेज लिमिटेड की मदद के हरसंभव उपाय किए जाएँगे.
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कमलनाथ ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार सभी विकल्पों पर विचार कर रही है.
कमलनाथ ने कहा कि सरकार सत्यम के नए बोर्ड को हरसंभव मदद देगी ताकि कंपनी इस विवाद से उबर सके.
जब उनसे यह पूछा गया कि क्या वित्तीय मदद भी संभव है तो उनका जवाब था कि 'निश्चित तौर पर'.
उनका कहना था कि एक बार बोर्ड को प्रस्ताव लेकर आने दीजिए, सरकार उस पर विचार-विमर्श करेगी.
नए बोर्ड की बैठक
उधर, हैदराबाद में सरकार की तरफ से सत्यम के निदेशक मंडल में नियुक्त एचडीएफसी के प्रमुख दीपक पारेख ने सोमवार को नए बोर्ड की पहली बैठक के बाद बताया कि कंपनी के कामकाज को फिर से शुरू करने के लिए नई अकाउंटिंग फर्म की नियुक्ति अगले 48 घंटे में कर दी जाएगी.
पारेख ने कहा सत्यम के कामकाज को फिर से सुचारु रूप से चलाने के लिए नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी और मुख्य वित्तीय अधिकारी की नियुक्ति ज़रूरी है.
दीपक पारेख ने कहा, "नकदी संकट को सुलझाए जाने की ज़रूरत है. लेकिन अभी ये तय नहीं हुआ है कि कितना पैसा चाहिए होगा. 48 घंटों के अंदर स्वतंत्र ऑडिट फ़र्म को नियुक्त किया जाएगा."
ये पूछे जाने पर कि क्या बहुराष्ट्रीय लेखा कंपी प्राइसवॉटरहाउस कूपर के ख़िलाफ़ कानूनी क़दम उठाए जाएँगे तो दीपक पारेख ने कहा कि जाँच चल रही है और अभी इस पर टिप्पणी करना जल्दबाज़ी होगी.
दीपक पारेख ने कहा कि सबसे बड़ा काम उपभोक्ताओं, कर्मचारियों और निवेशकों का भरोसा वापस हासिल करना है.
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने सत्यम कंप्यूटर्स में अनियमितताओं के ख़िलाफ कार्रवाई के बाद कंपनी को चलाने के लिए नए बोर्ड की घोषणा की थी.
नए बोर्ड में किरन कार्निक, और सेबी के पूर्व सदस्य वी अच्युतन को भी शामिल किया गया है.
बोर्ड के सदस्य वी अच्युतन का कहना था कि बोर्ड ने कंपनी के ख़िलाफ़ किसी क़ानूनी मुकदमे को लेकर किसी तरह की छूट की माँग नहीं की है.