रविवार, 11 जनवरी, 2009 को 09:58 GMT तक के समाचार
संकट में फँसी सत्यम कंप्यूटर्स के नए बोर्ड में शामिल किरण कार्णिक ने कहा है कि कारोबार जारी रखना और कर्मचारियों के हितों की रक्षा पहली प्राथमिकता होगी.
भारत सरकार ने आउटसोर्सिंग और सॉफ्टवेयर क्षेत्र की अग्रणी कंपनी सत्यम कंप्यूटर्स में अनियमितताओं के ख़िलाफ कार्रवाई के बाद कंपनी को चलाने के लिए नए बोर्ड की घोषणा की है.
इस नए बोर्ड में फिलहाल नैस्कॉम के पूर्व चेयरमैन किरण कार्णिक, एचडीएफसी बैंक के पूर्व प्रमुख दीपक पारेख और सेबी के पूर्व सदस्य वी अच्युतन को शामिल किया गया है.
कंपनी मामलों के मंत्री प्रेमचंद गुप्ता ने कहा है कि नए बोर्ड की बैठक चौबीस घंटों के भीतर होगी.
निदेशक बनाए जाने के बाद किरण कार्णिक ने निजी समाचार चैनलों को दिए इंटरव्यू में कहा, "हमारी प्राथमिकताएँ क्या होंगी ये तो बोर्ड की बैठक में ही तय होगा लेकिन मेरे विचार से सत्यम का कारोबार समान्य रखना और उसके ग्राहकों की ज़रुरतें पूरी करना पहली प्राथमिकता होगी."
कारोबार जारी रखने पर ज़ोर
किरण कार्णिक का कहना था, "हम कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों के हितों की भी रक्षा करेंगे. यही नहीं हमार कोशिश सत्यम के कारोबार को बढ़ाने और नए ग्राहक खोजने की भी होगी."
ये पूछने पर कि क़ानूनी कार्रवाई में फँसी कंपनी को वो कैसे आगे बढ़ाएंगे, उनका कहना था, "हम क़ानूनी और कारोबार के मामले को अलग-अलग कर देख रहे हैं. दोनों प्रक्रियाएँ साथ चल सकती हैं."
पूर्व नैस्कॉम चेयरमैन ने कहा कि सत्यम में फ़र्ज़ीवाड़े की ख़बर से भारतीय आईटी जगत पर ख़ास असर नहीं पड़ेगा.
उनका कहना था, "ये जीवन में एक बार होने वाली घटना की तरह है. इसे इकलौता मामले के रुप में देखा जाना चाहिए."
ग़ौरतलब है कि कंपनी के बैलेंस शीट में लगभग सात हज़ार करोड़ रूपए के घपले को स्वीकार करते हुए सत्यम के चेयरमैन बी रामालिंगा राजू ने इस्तीफ़ा दे दिया था.
उन्हें और उनके भाई को हैदराबाद की अदालत ने शुक्रवार को 23 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया.