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मंगलवार, 06 जनवरी, 2009 को 06:34 GMT तक के समाचार

अमरीकी अर्थव्यवस्था बहुत बीमार: ओबामा

अमरीका के राष्ट्रपति पद के लिए निर्वाचित बराक ओबामा ने अमरीका की अर्थव्यवस्था को बहुत गंभीर बताते हुए कहा है कि हालात और बिगड़ते जा रहे हैं.

उन्होंने उम्मीद जताई कि अमरीका में नौकरियों के इस सप्ताह के अंत में आने वाले ताज़ा आँकड़ों में कुछ सुधार होगा.

इससे पहले उन्होंने वॉशिंगटन में राजनीतिक नेताओं से देश की अर्थव्यवस्था सुधारने और नई नौकरियाँ पैदा करने के उपायों के बारे में बात की.

अमरीका के मीडिया की रिपोर्टों का कहना है कि ओबामा 800 अरब डॉलर से ज़्यादा के एक बड़े राहत पैकेज की योजना बना रहे हैं जिसमें टैक्सों में 300 अरब डॉलर की कमी भी शामिल है.

ओबामा ने कहा कि वे ऐसी योजना बनाना चाहते हैं जिससे 2011 तक 30 लाख नई नौकरियाँ पैदा हों.

पैकेज

नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि वे 20 जनवरी को अपने पद ग्रहण के बाद एक राहत पैकेज जल्दी ही लागू करवाएंगे.

उन्होंने कहा, "अर्थव्यवस्था वाकई बेहद खराब स्थिति में है. हमें इस पर कार्रवाई करनी होगी. यह कार्रवाई हमें तुरंत करनी होगी ताकि इस मंदी की गति पर कुछ रोक लगे."

उनका कहना था, "हमारे सामने अर्थव्यवस्था के रूप में एक बड़ी और असाधारण चुनौती है और हम इस सप्ताह के अंत में नौकरियों की रिपोर्ट में सुधार की उम्मीद करते हैं."

अमरीका का श्रम विभाग शुक्रवार को दिसंबर की रोज़ग़ार रिपोर्ट जारी करेगा.

जानकारों का मानना है कि बेरोज़गारों की संख्या का आँकड़ा पाँच लाख तक इधिक होगा जिससे 2008 में अमरीका में नौकरियों का कुल नुक़सान 25 लाख हो जाएगा.

ओबामा ने कहा, "हर तरह की राजनीतिक विचारधारा वाले अर्थशास्त्री मानते हैं कि अगर हमने दृढ़ता और तेज़ी से कार्रवाई नहीं की तो हम अर्थव्यवस्था को और भी नीचे जाते देखेंगे. इससे बेरोज़ग़ारी दोगुनी हो सकती है और अमरीका के सपने इतने दूर हो सकते हैं जहाँ तक हमारी पहुँच न हो."

गंभीर स्थिति

इस पैकेज में साल में दो लाख डॉलर से कम कमाने वाले लोगों के लिए टैक्स में छूट और ज्यादा लोगों को भर्ती करने वाली कंपनियों के लिए टैक्स क्रेडिट शामिल है.

ज़्यादातर कामग़ारों के लिए 500 डॉलर और दंपत्ति के लिए एक हज़ार की टैक्स कटौती के अलावा इस पैकेज में व्यापार के लिए सौ अरब डॉलर की टैक्स रियायतें शामिल हैं.

इसमें पिछले साल नुकसान झेल चुकी कंपनियों को पिछले पाँच साल में हुए मुनाफ़े को देखते हुए ऋण दिए जाने की भी योजना है.