गुरुवार, 01 जनवरी, 2009 को 00:10 GMT तक के समाचार
यात्री किरायों में कटौती की घोषणा के ठीक एक दिन बाद एक बार फिर हवाई ईंधन की कीमतों में कमी की गई है. इससे किराया और घटने की संभावना है.
सरकारी तेल कंपनियों ने विमान ईधन यानी एटीएफ की बदौलत ही विमान कंपनियों के बीच किराया घटाने की होड़ शुरू हो पाई है.
इसी हफ़्ते एयर इंडिया ने घरेलू उड़ानों के लिए बेस किराए में 32 फ़ीसदी से 82 फ़ीसदी तक की भारी कटौती की है. इसके बाद निजी कंपनियों ने भी इस तरह के फ़ैसले किए.
अब बुधवार को तीनों तेल कंपनियों इंडियन आयल कार्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने जेट ईधन की कीमत में 6.8 फ़ीसदी की एक और कटौती की है.
इसके चलते दिल्ली में गुरुवार से एटीएफ के दाम दो हज़ार 234 रुपए घटकर 30 हज़ार 457 रुपए प्रति किलोलीटर पर आ गए.
इस वर्ष सितंबर से यह लगातार आठवीं कटौती है. इसके साथ ही एटीएफ कीमतें अब जुलाई 2005 के स्तर पर आ गई हैं.
महंगे कच्चे तेल के दौर में पिछले अगस्त में विमान ईंधन की कीमत दिल्ली में बढ़कर 71 हज़ार 28 रुपए किलोलीटर की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थी.
जुलाई में लगभग 147 डॉलर प्रति बैरल का उच्चतम शिखर छूने के बाद से कच्चा तेल लगातार गिरावट पर है. फिलहाल इसके दाम 40 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है.
इस गिरावट के चलते ही सितंबर से एटीएफ के दामों में भी कमी की जा रही है.