सोमवार, 22 दिसंबर, 2008 को 13:04 GMT तक के समाचार
दुनिया भर में मशहूर जापानी कार कंपनी टोयोटा सात दशक में पहली बार घाटे की घोषणा कर सकती है.
जानकारों का कहना है कि माँग में कमी ही इस कंपनी के फ़ायदे में गिरावट की मूल वजह है.
होंडा और टोयोटा जैसी कार निर्माता कंपनियों ने माँग में कमी को देखते हुए अपना उत्पादन घटा दिया है और कहा है कि उन्हें लाभ की संभावना नहीं दिख रही है.
जापानी मीडिया में इस बात की अटकलें लगाई जा रही हैं कि टोयोटा को या तो घाटा होगा या फिर उसके मुनाफ़े में भारी गिरावट आएगी.
जापान की अर्थव्यवस्था अमरीका के बाद दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है.
निर्यात गिरा
जापान के वित्त मंत्रालय ने कहा है कि देश की निर्यात दर में तेज़ गिरावट होने से नवंबर में उसे 2.5 अरब डॉलर का व्यापार घाटा हुआ है.
मंत्रालय के अनुसार जापानी मुद्रा येन और वैश्विक अर्थव्यवस्था में गिरावट की वजह से जापानी सामान की माँग में कमी आई और जापान का निर्यात पिछले साल के मुक़ाबले 26.7 फ़ीसदी गिरा है.
जापानी उत्पादों की भारी माँग होने की वजह से देश में अतिरिक्त उत्पादन होता रहा है.
जापान का निर्यात हर क्षेत्र में तेज़ी से घटा है लेकिन अमरीका को होने वाले निर्यात पर सबसे अधिक मार पड़ी है. अमरीका को होने वाला जापान का निर्यात 33.8 फ़ीसदी गिरा है जो एक रिकार्ड गिरावट है.
जापान से यूरोपीय संघ भेजे जाने वाले सामान में 30.8 फ़ीसदी की कमी हुई है जबकि चीन जाने वाले सामान में 24.5 फ़ीसदी की कमी आई है जो 1995 के बाद की सबसे बड़ी कमी है.
बाकी एशिया के निर्यात भी 26.7 फ़ीसदी कम हो गए हैं.
पिछली दो तिमाहियों में नकारात्मक विकास दर होने की वजह से जापान की अर्थव्यवस्था पिछले सात सालों में पहली बार मंदी में आ गई है.
सरकार ने मार्च 2010 में समाप्त होने वाले साल के लिए शून्य विकास दर की भविष्यवाणी की है.