रविवार, 21 दिसंबर, 2008 को 13:03 GMT तक के समाचार
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी आईएमएफ़ के अध्यक्ष का कहना है कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक विकास को गति देने के लिए सरकारों को अधिक से अधिक पैसे लगाने की आवश्यकता है.
आईएमएफ़ के प्रमुख डोमिनिक स्ट्रॉस-कान ने बीबीसी से बात करते हुए आशंका जताई कि पिछले महीने जी-20 के राष्ट्रों ने आर्थिक संकट से निपटने के लिए जो क़दम उठाए हैं वो पर्याप्त नहीं हैं.
ग़ौरतलब है कि आईएमएफ़ पहले ही आर्थिक विकास दर के अपने पूर्वानुमान में कटौती कर चुका है और ये संकेत दे चुका है कि अगले वर्ष वैश्विक विकास दर कम रहेगी और जनवरी का पूर्वानुमान और अधिक ख़राब रहेगा.
वर्ष 2009 बुरा साल
डोमिनिक स्ट्रॉस-कान ने कहा, "वर्ष 2009 वास्तव में एक बुरा साल होने जा रहा है."
उनका कहना था, "मैं विशेष रूप से अपने ही पूर्वानुमान के तथ्यों से चिंतित हूँ, जो पहले से ही बहुत बुरा है, अगर पर्याप्त राजकोषीय प्रोत्साहन नहीं किया जाता है तो ये और बुरा हो सकता है."
स्ट्रॉस-कान के अनुसार आर्थिक विकास को गति देने के लिए वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का दो प्रतिशत या लगभग 1.2 खरब डॉलर के पैकेज देने की आवश्यकता है जिससे सही मानों में फ़र्क़ पड़ सकता है.
उनका कहना है कि ब्रिटेन में कर्ज़ की स्थिति परेशान करने वाला है, और समस्या यह है कि इसका दुष्प्रभाव पूरे समाज को भुगतना पड़ेगा.
नवंबर में आईएमएफ़ ने वैश्विक आर्थिक विकास दर के पूर्वानुमान को तीन प्रतिशत से घटा कर 2.2 प्रतिशत किया था.
पिछले सप्ताह आईएमएफ़ ने अपने पूर्वानुमान को घटाते हुए कहा था कि अभूतपूर्व वैश्विक आर्थिक संकट की वजह से वर्ष 2009 में चीन का विकास दर पाँच प्रतिशत के आस पास रहेगा.