मंगलवार, 16 दिसंबर, 2008 को 23:06 GMT तक के समाचार
आर्थिक मंदी के मद्देनज़र अमरीकी फ़ेडरल रिज़र्व ने अपनी ब्याज दरों में और कटौती की है और अब ये एक फ़ीसदी से घटकर शून्य से 0.25 फ़ीसदी हो गई है.
1930 की आर्थिक मंदी के समय भी ब्याज दरें कभी इतनी कम नहीं थीं जितनी कि अब की गईं हैं.
केंद्रीय बैंक इस तरह के क़दम इसलिए उठा रहा है क्योंकि देश की अर्थव्यवस्था बहुत तेज़ी से कमज़ोर हो रही है.
पिछले ही महीने पाँच लाख लोगों को अपनी नौकरियों से हाथ धोना पड़ा था.
फ़ेडरल बैंक का कहना है कि घटी हुई ब्याज दरें अभी कुछ समय तक इसी स्तर पर रहेंगी.
बैंक ऑफ़ अमरीका के मुख्य अर्थशास्त्री होल्गर स्कमीडिंग का कहना है कि अब ज़रूरी ये है कि फ़ेडरल बैंक ये सुनिश्चित करे कि घटी ब्याज दरों का लाभ उपभोक्ताओं को मिल सके.
उनका कहना था कि अब फ़र्क इस बात से पड़ेगा कि फ़ेडरल बैंक इस ब्याज दर को केवल दूसरे बैंकों को कर्ज़ देने तक ही सीमित न रखे बल्कि पूरे पूंजी बाज़ार के लिए उपलब्ध कराए जिससे ये बैंक घटी दरों को घरों और कारोबार के लिए मुहैया करा सकें.
इसके अलावा फ़ेडरल बैंक और भी कई आपात क़दम उठा रहा है जैसे कि कर्ज़ की उपलब्धता बढ़ाने के लिए गिरवी रखकर प्रतिभूतियां खरीदी जाएंगीं.
इन सभी क़दमों से स्पष्ट होता है कि आर्थिक स्थिति इतनी ख़राब हो चुकी है कि फ़ेडरल बैंक को अपने सभी तीर एक साथ चलाने पड़े हैं.