सोमवार, 15 दिसंबर, 2008 को 10:12 GMT तक के समाचार
सरकारी क्षेत्र के बैंकों ने सोमवार को पाँच लाख रुपए तक के आवास ऋण पर अधिकतम 8.5 फीसदी और पाँच लाख से 20 लाख रुपए तक के आवास ऋण पर 9.25 फीसदी की ब्याज दर लागू करने की घोषणा की है.
इसके साथ ही भारतीय बैंक संघ (आईबीए) का कहना है कि 20 लाख रुपए तक के होम लोन के लिए ग्राहकों को किसी प्रकार की प्रक्रिया शुल्क या पूर्व भुगतान शुल्क बैंकों को नहीं देना होगा और मुफ़्त बीमा सुरक्षा भी उपलब्ध कराई जाएगी.
माना जा रहा है कि बाज़ार में छाई मंदी के बीच माँग को बढ़ावा देने के लिए सरकारी बैंको ने यह क़दम उठाया है.
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के चेयरमैन ओपी भट्ट ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि सरकार ने जो राहत पैकेज की घोषणा की थी उसी के अनुरुप आवास ऋण के दरों में भी कटौती की गई है.
राहत
भट्ट ने कहा कि 30 जून 2009 तक इस पैकेज के तहत होम लोन लेने की सुविधा रहेगी.
ग़ौरतलब है कि हाल ही में भारत सरकार ने वैश्विक आर्थिक संकट से पैदा स्थिति के मद्देनजर देश में आर्थिक गतिविधियों को तेज़ करने के लिए लगभग 20,000 करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा की थी.
कहा जा रहा है कि सरकारी बैंकों की इस घोषणा के बाद निजी बैंक भी होन लोन के दरों में कटौती करने पर विचार कर सकते हैं.