शुक्रवार, 12 दिसंबर, 2008 को 05:34 GMT तक के समाचार
अमरीकी सीनेट में तीन बड़ी कार कंपनियों को बचाने के 14 अरब डॉलर के राहत पैकेज पर वार्ता असफल रही है और इस ख़बर का शेयर बाज़ारों पर भी असर पड़ा है.
जापान में शेयर बाज़ार में अचानक गिरावट दर्ज हुई और कई अन्य पूर्व एशियाई बाज़ारों में भी यही हाल है.
कुछ दिन पहले वित्तीय मंदी की मार झेल रहे अमरीकी कार निर्माता फ़ोर्ड, क्राइसलर और जेनरल मोटर्स ने सार्वजनिक किया था कि उनकी बिक्री में भारी गिरावट आई है. उन्होंने अमरीकी सरकार से 34 अरब डॉलर के सरकारी कर्ज़ का अनुरोध किया था.
रिपब्लिकन माँग अस्वीकार
बाद में अमरीकी सीनेट के सामने 14 अरब डॉलर के पैकेज का प्रस्ताव रखा गया था. अमरीकी प्रतिनिधि सभा यानी हाउस ऑफ़ रेप्रेज़ेंटेटिव्ज़ इसे पारित कर चुका है.
सीनेट में मेजोरिटी नेता हैरी रीड ने कहा कि युनाइटेड वर्कर्ज़ यूनियन के प्रतिनिधियों ने रिपब्लिकन पार्टी की जल्द नौकरियों में कटौती की माँग को अस्वीकार कर दिया.
हैरी रीड ने कहा कि सीनेट अब डेमोक्रिटेक पार्टी की योजना के अनुसार आगे बढ़ने की कोशिश करेगी लेकिन उनका आकलन था कि सीनेट से इसे पारित कराना मुश्किल होगा.
डेमोक्रेटिक पार्टी चाहती है कि रिपब्लिकन पार्टी के कुछ सीनेटर उनकी योजना का समर्थन करें क्योंकि डेमोक्रिटिक पार्टी के पास सीनेट में केवल एक वोट का बहुमत है.
अमरीकी राष्ट्रपति के कार्यालय ने इस विधेयक को कारगर और ज़िम्मेदार रवैया बताया है.
उसके अनुसार यदि कार कंपनियाँ दिवालिया होती है तो इसका नौकरियों, परिवारों और अमरीकी अर्थव्यवस्था पर तबाही मचाने का असर होगा.