मंगलवार, 02 दिसंबर, 2008 को 05:04 GMT तक के समाचार
वाशिंगटन में 'द नेशनल ब्यूरो ऑफ़ इकनॉमिक रिसर्च' के मुताबिक देश की अर्थव्यवस्था मंदी की चपेट में है. इस घोषणा के बाद न्ययॉर्क के डाओ जोंस सूचकांक सात प्रतिशत गिरा है और इसका प्रभाव एशियाई बाज़ारों पर भी हुआ है.
द नेशनल ब्यूरो ऑफ़ इकनॉमिक रिसर्च के निर्णय को अमरीका में व्यापक तौर पर आधिकारिक माना जाता है.
ब्यूरो ने कहा है कि अमरीका में पिछले साल दिसंबर से मंदी की शुरुआत हुई थी. इसके अनुसार इस साल के हर महीने में देश में नौकरियों की संख्या में कमी आई है और इसीलिए देश में मंदी की घोषणा की गई है.
बीबीसी के आर्थिक संवाददाता का कहना है कि ब्यूरो का निर्णय कुछ अलग तरह के आँकड़ों पर आधारित हैं. ग़ौरतलब है कि आमतौर पर किसी भी देश में जब लगातार दो तिमाहियों तक सकल घरेलू उत्पाद में गिरावट देखी जाती है तभी मंदी घोषित की जाती है.
डाओ, एशियाई बाज़ारों में गिरावट
अमरीकी बाज़ारों में शेयरों के दाम गिरे हैं और न्यूयॉर्क के सूचकांक डाओ जोंस में सात फ़ीसद से भी ज़्यादा की गिरावट आई है.
इसका असर एशिया के शेयर बाज़ारों पर भी पड़ा है. टोक्यो के स्टॉक एक्सचेंज निक्केई में भी पाँच फ़ीसद से ज़्यादा की गिरावट आई है.
इसके अलावा दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया के शेयर बाज़ारों में भी पाँच और तीन फ़ीसद की गिरावट आई है. इससे पहले लंदन और पेरिस के सूचकांक भी पाँच प्रतिशत से ज़्यादा गिरे थे.
उधर अमरीका में केलिफ़ोर्निया के गवर्नर अर्नाल्ड श्वार्ज़ेनेगर ने 11 अरब डॉलर के घाटे के बारे में चर्चा के लिए राज्य की असेंबली की एक आपात बैठक बुलाई है. पहले ही वे राज्य में आपातकाल की घोषणा कर चुके हैं.