सोमवार, 24 नवंबर, 2008 को 02:33 GMT तक के समाचार
अमरीका सरकार ने अमरीका के सबसे बड़े बैंकों और वित्तीय सेवा देनेवाली कंपनियों में से एक सिटीग्रुप को वित्तीय संकट से उबारने के लिए एक योजना घोषणा की है.
इस योजना के तहत अमरीकी सरकार कंपनी में भागीदारी के बदले जोखिम भरे ऋण के लिए 306 अरब डॉलर की गारंटी देगी.
पिछले सप्ताह सिटीग्रुप के शेयरों में 60 फ़ीसदी की गिरावट आई थी. निवेशक बैंक की गृह ऋण वसूली और ख़राब वित्तीय हालात को लेकर चिंतित हैं.
सिटीग्रुप अमरीका का बड़ा ग्रुप है और ये दुनिया के 100 देशों में सक्रिय है.
दरअसल सिटीग्रुप पर वित्तीय संकट की ज़बरदस्त मार पड़ी है.
हाल में बैंक ने 52 हज़ार और नौकरियों में कटौती करने की घोषणा की थी. इसके पहले बैंक ने 23 हज़ार नौकरियों में कटौती की घोषणा की थी.
इस तरह सिटीग्रुप कुल 75 हज़ार लोगों को नौकरी से हटा रहा है जो उसके कुल कर्मचारियों की संख्या का 20 प्रतिशत है.
कर्मचारियों की छँटनी के अलावा सिटीग्रुप अपनी कई कार्यालयों को भी बंद करके बचत कर रहा है.
संकट की मार
अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संकट के कारण सिटीग्रुप को पिछले साल 20 अरब डॉलर का नुक़सान हुआ था.
सिटीग्रुप का गठन 10 साल पहले अमरीकी बैंकों के एक बड़े विलय के ज़रिए हुआ था.
इसके बाद दो-हज़ार के दशक में इसने तेज़ी से पाँव पसारना शुरु किया और देखते-ही-देखते क़रीब 100 देशों में सिटीग्रुप के बैंक और कार्यालय खुल गए.
विश्लेषकों का कहना है कि सिटीग्रुप ने अपनी क्षमता से कहीं ज़्यादा विस्तार कर लिया था.
जब दुनिया वित्तीय संकट की चपेट में आ गई तो सिटीग्रुप के लिए अपने बल पर बाज़ार में खड़ा रह पाना असंभव लगने लगा.
दरअसल साल भर में ही इसके शेयरों के दाम में लगभग 80 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है.
दुनिया भर में पौन-चार लाख लोगों को नौकरियों पर रखने वाले इस वित्तीय समूह ने इसके बाद कर्मचारियों की छँटनी की घोषणा की.
लेकिन इसके बाद भी विश्लेषक यही मान रहे हैं कि सिटीग्रुप के वर्ष 2010 से पहले मुनाफ़े में आने की संभावना नहीं है.