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शुक्रवार, 21 नवंबर, 2008 को 01:59 GMT तक के समाचार

शेयर बाज़ारों में फिर भारी गिरावट

अमरीका में वाहन कंपनियों को आर्थिक मदद देने पर कोई फ़ैसला नहीं होने से शेयर बाज़ारों में ज़बर्दस्त गिरावट आई है. एशियाई बाज़ारों में भी यही हाल है.

मुख्य अमरीकी सूचकांकों डाऊ जोंस और नैस्डैक में पाँच-पाँच फ़ीसदी से ज़्यादा की गिरावट दर्ज की गई.

डाऊ जोंस 450 अंकों से ज़्यादा की गिरावट के साथ सात हज़ार 552 पर बंद हुआ.

वहीं नैस्डैक 70 अंकों की गिरावट के साथ छह वर्षों के न्यूनतम स्तर पर पहुँच गया है.

इससे पहले यूरोपीय बाज़ारों में भी गिरावट जारी रही. ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस और इटली के बाज़ारों में भारी गिरावट आई.

शुक्रवार सुबह जब एशियाई शेयर बाज़ार खुले तो वहाँ भी अमरीका और यूरोप का असर दिखा.

जापान का सूचकांक निक्केई लगभग तीन फ़ीसदी नीचे खुला. ताईवान, चीन और हॉंगकॉंग के शेयर बाज़ारों में भी एक से दो फ़ीसदी की गिरावट देखी जा रही है.

वाहन कंपनियों पर मार

इस बीच अमरीकी कॉंग्रेस ने कहा है कि वाहन कंपनियों को फिलहाल आर्थिक मदद देने की कोई ज़रूरत नहीं है.

संसद के निचले सदन हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव की नेता नैन्सी पेलोसी और सीनेट के नेता हैरी रीड ने वाहन कंपनियों से अगले महीने फिर प्रस्ताव देने को कहा है.

हालाँकि दोनों नेताओं ने कहा कि नया प्रस्ताव देते समय उन्हें समझाना होगा कि आर्थिक मदद की ज़रूरत क्यों है.

तीन नामी गिरामी वाहन कंपनियों जीएम, फ़ोर्ड और क्रिसलर ने 25 अरब डॉलर के आर्थिक पैकेज की माँग सरकार के सामने रखी थी.

इस बीच बैंकिंग और निवेश के क्षेत्र की अग्रणी कंपनी सिटी समूह के शेयरों में लगातार भारी गिरावट दर्ज की जा रही है.

कंपनी के ख़स्ताहाल होने की ख़बरों के बीच इसमें सबसे ज़्यादा हिस्सेदारी रखने वाले सऊदी अरब के एक निवेशक ने अपना हिस्सा और बढ़ाने के संकेत दिए हैं.