शनिवार, 15 नवंबर, 2008 को 19:46 GMT तक के समाचार
भारत में एक माह के भीतर तीसरी बार हवाई ईंधन की क़ीमतों में कटौती की गई है जिससे हवाई यात्रा सस्ती होने की संभावना बढ़ गई है.
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की क़ीमत घट कर 52 डॉलर प्रति बैरल पर आ जाने से ऐसा संभव हुआ है.
विमानों के एयर टर्बाइन फ्यूल की क़ीमत में पाँच हज़ार 580 रुपए प्रति किलोलीटर की कटौती की गई है.
अगस्त के बाद से एटीएफ की कीमतों में यह पांचवीं कटौती है.
ईंधन क़ीमतों में आई गिरावट के बाद उम्मीद की जा रही है कि यात्री किरायों में भी दस से पंद्रह फ़ीसदी की कमी आएगी.
इससे पहले नागर विमानन मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने अगले साल जनवरी से हवाई किरायों में कमी की उम्मीद जाहिर की थी.
उन्होंने कहा है कि एटीएफ़ के दाम घटने का फायदा एयरलाइंस ग्राहकों को देंगी.
ग़ौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में हवाई किरायों में 30 से 50 प्रतिशत वृद्धि हुई है.
लागत में भारी वृद्धि के कारण संकट से घिर गई निजी एयरलाइन कंपनियों को केंद्र सरकार से कई तरह की राहत मिल चुकी है.
सरकार ने एयरलाइंस को सुविधा दी है कि वे तेल कंपनियों के तीन हज़ार करोड़ रुपए के बकाये का भुगतान किश्तों में करें.