शुक्रवार, 14 नवंबर, 2008 को 14:21 GMT तक के समाचार
यूरोपीय संघ के ताज़ा आँकड़ों के मुताबिक़ यूरोज़ोन भी मंदी की चपेट में है. तीसरी तिमाही में यूरो ज़ोन की विकास दर में 0.2 फ़ीसदी की गिरावट आई है.
आम तौर से अर्थव्यवस्था में जब लगातार दो तिमाही में गिरावट दर्ज की जाती है तब उसे आर्थिक मंदी कहा जाता है.
यूरोपीय संघ के दो प्रमुख देश जर्मनी और इटली की अर्थव्यवस्था पहले से ही मंदी की चपेट में है और यूरोज़ोन में भी मंदी की आशंका पहले से जताई जा रही थी.
बीबीसी के जर्मनी संवाददाता स्टीव रोज़ेनबर्ग का कहना है कि ये आँकड़े चौंकाने वाले नहीं हैं.
रोज़ेनबर्ग कहते हैं, "चूँकि जर्मनी की अर्थव्यवस्था यूरोपीय अर्थव्यवस्था की रथ को खींचती है, उसकी अर्थव्यवस्था में गिरावट से यूरोपीय संघ के अन्य देशों पर भी प्रभाव पड़ना स्वाभाविक है."
मंदी की चपेट में
गुरुवार को जर्मनी की अर्थव्यवस्था से संबंधित आँकड़े आएँ जिसमें तीसरी तिमाही में 0.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. इससे पहले दूसरी तिमाही में भी 0.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी.
वर्ष 1993 के बाद पहली बार स्पेन की अर्थव्यस्था में भी गिरावट दर्ज की गई.
विश्लेषकों का कहना है कि यूरोपीय संघ के देशों के बाद अब ब्रिटेन की बारी है. ब्रिटेन के 'बैंक ऑफ इंग्लैंड' पहले ही कह चुका है कि ब्रिटेन मंदी से गुज़र रहा है.
हालांकि फ़्रांस की अर्थव्यवस्था ने जून से लेकर सितंबर की तिमाही में 0.1 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की है लेकिन फ़्रांस की अर्थव्यवस्था की हालत भी अच्छी नहीं कही जा सकती है.
विश्लेषकों का कहना है कि यूरो का इस्तेमाल करने वाले देशों के लिए और भी बुरी ख़बर आने वाली है.
उनका कहना है कि सकल घरेलू उत्पाद के आँकड़ों में नकदी संकट और बेरोज़गारी से पड़ने वाले प्रभाव को पूरी तरह से शामिल नहीं किया गया है.